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Haryana Riots: हरियाणा में कैसे होगी दंगाइयों से वसूली, क्या है इसके लिए कानून, मुआवजा कितना मिलता है, समझें

Thu, 03 Aug 2023 05:07 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 03 Aug 2023 05:07 PM IST
सार

Haryana Riots: नूंह, गुरग्राम और पलवल जिलों में हुई हिंसा के बाद हरियाणा सरकार ने बुधवार को संपत्ति के नुकसान की वसूली के लिए एलान किया है। दरअसल, 2021 में हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक-2021 पारित हुआ था। इस कानून के तहत दंगाइयों, उपद्रवियों से वसूली किए जाने का प्रावधान है। हर्जाना राशि न देने पर कानून में संपत्ति कुर्क करने का नियम भी है।

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Haryana Riots: How will recovery from rioters be done in state and what is the law for this
हरियाणा में उपद्रवियों से वसूली का एलान - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

हरियाणा में 31 जुलाई और एक अगस्त को साम्प्रदायिक हिंसा हुई। हिंसा की घटनाएं नूंह जिले से शुरू होकर गुरग्राम और पलवल जिलों तक पहुंच गईं। इन घटनाओं में दो पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही दर्जनों निजी और सरकारी संपत्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया या जला दिया गया। 
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इसी बीच, राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि जिन संपत्तियों को नुकसान हुआ है उसकी भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। आइये जानते हैं कि आखिर हरियाणा सरकार ने संपत्ति के नुकसान की वसूली के लिए क्या एलान किया है? राज्य में इसके लिए नियम क्या हैं? कानून के खास प्रावधान क्या हैं? वसूली में किस तरह से मुआवजा मिलता है?
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Haryana Riots: How will recovery from rioters be done in state and what is the law for this
सीएम मनोहर लाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा सरकार ने संपत्ति के नुकसान की वसूली के लिए क्या एलान किया है?
सरकार ने दंगाइयों से नुकसान की वसूली का एलान किया है। सीएम मनोहर लाल ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि हमने एक अधिनियम पारित किया है। इसमें यह प्रावधान है कि सरकार सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान का मुआवजा जारी करेगी लेकिन जहां तक निजी संपत्ति का सवाल है तो जिन्होंने नुकसान पहुंचाया है, वे इसकी भरपाई के लिए उत्तरदायी हैं। निजी संपत्ति के लिए हम कहेंगे कि उन लोगों से मुआवजा वसूला जाए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।

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तैनात है पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
राज्य में इसके लिए नियम क्या हैं?
हरियाणा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति की वसूली के लिए एक कानून है। मार्च 2021 में हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक-2021 पारित हुआ था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने वसूली के लिए नियम अधिसूचित किए थे। इस कानून के तहत दंगाइयों, उपद्रवियों से वसूली किए जाने का प्रावधान है। हर्जाना राशि न देने पर कानून में संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान भी किया गया है।
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नूंह के गांव में तनाव - फोटो : अमर उजाला
क्या हैं कानून के खास प्रावधान?
  • हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की राय पर ट्रिब्यूनल चेयरमैन की नियुक्ति की जाती है। इसमें सरकार की तरफ से सदस्य भी लगाए जाने का नियम है। डीसी नुकसान के सभी दावों को ट्रिब्यूनल को ही भेजेंगे। ट्रिब्यूनल चार्टेड अकाउटेंट की मदद लेकर नुकसान का आकलन करेगा।
  • हजार रुपये से लेकर दस करोड़ रुपये तक की सरकारी, निजी संपत्ति के नुकसान का दावा किया जा सकता है।
  • आंदोलन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात अर्धसैनिक बलों, इसमें सेना पर खर्च राशि का दावा भी किया जा सकता है। पुलिस पर खर्च राशि की वसूली उपद्रवियों से नहीं होती है।
  • इस मामले में भी नुकसान की शिकायत पीड़ित अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी को करेंगे। वे एफआईआर दर्ज कर पूरी जानकारी डीसी को देंगे। डीसी पीड़ितों से दावे के लिए आवेदन मांगेंगे। 21 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का दावा विभागों के अध्यक्ष करेंगे। एसडीएम या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी ही दावा कर सकेगा।
  • नुकसान का आकलन होने के बाद अगर उपद्रवी हर्जाना नहीं भरते हैं या ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो एक तरफा कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस का कोई जवाब न देने पर उपद्रवी व अन्य की जमीन कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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Nuh Violence - फोटो : अमर उजाला
वसूली में किस तरह से मिलता है मुआवजा?
नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने एक क्षतिपूर्ति पोर्टल https://ekshatipurtiharyana.gov.in लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से हाल ही में नूंह में हुई घटना के दौरान संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी भी नागरिक दर्ज कर सकेंगे और एक योजना बनाकर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। 

चल संपत्ति के मामले में पांच लाख रुपए तक के नुकसान के लिए 80 प्रतिशत यानी चार लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। पांच लाख से 10 लाख रुपए तक के नुकसान के लिए 70 प्रतिशत, 10 से 20 लाख रुपए तक के नुकसान के लिए 60 प्रतिशत, 20 से 50 लाख रुपए तक के नुकसान के लिए 40 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा। 50 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक के नुकसान के लिए 30 प्रतिशत, एक करोड़ रुपए से डेढ़ करोड़ रुपए तक के नुकसान के लिए 20 प्रतिशत का मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की ऊपरी सीमा 50 लाख रुपये तक सीमित की गई है।

इसी प्रकार, अचल संपत्ति के मामले में एक लाख रुपए तक के नुकसान के लिए शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। एक लाख रुपए से दो लाख रुपए तक के नुकसान के लिए 75 प्रतिशत, दो से तीन लाख रुपए तक के लिए 60 प्रतिशत, तीन से पांच लाख रुपए तक के लिए 50 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। 

पांच से सात लाख रुपए तक के लिए 40 प्रतिशत, सात लाख रुपए से 25 लाख रुपए तक के लिए 30 प्रतिशत का मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व आपदा प्रबंधन निधि के प्रावधानों के अनुसार मुआवजे की राशि निर्धारित है, हालांकि यह राशि कम है और सरकार इसे संशोधित करने पर विचार कर रही है।
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