{"_id":"60cd281952b48446325d3235","slug":"haryana-refuses-to-release-excess-water-in-yamuna-citing-personal-needs","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा : निजी जरूरतों का हवाला देकर हरियाणा ने यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने से किया इंकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
हरियाणा : निजी जरूरतों का हवाला देकर हरियाणा ने यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने से किया इंकार
Sat, 19 Jun 2021 04:41 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 04:41 AM IST
सार
- नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलॉजी द्वारा यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की सिफारिश की गई
- 15 दिनों में तैयार हो जाएगा बैराज का डिजाइन
- फिलहाल तो हरियाणा पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है।
विज्ञापन
गजेंद्र सिंह शेखावत
- फोटो : ANI
विस्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी की सिफारिश के बावजूद राज्य की निजी जरूरतों का हवाला देकर यमुना में और पानी छोड़ने में असमर्थता जाहिर की। बैठक में जल जीवन मिशन के साथ ही दिल्ली-पंजाब के साथ सतलुज यमुना लिंक, आदिबद्री बांध, सोमवती बैराज और ग्रामीण अंचलों में पानी की निर्बाध आपूर्ति के साथ ही पेयजल आपूर्ति पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलॉजी द्वारा यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की सिफारिश की गई थी। इस पर वह यहीं कहेंगे की अभी राज्य के हालात भी पानी को लेकर कुछ अच्छे नहीं हैं, किसानों की सिंचाई और नागरिकों के पीने की पानी की जरूरतों को देखते हुए राज्य ऐसा कर पाने में असमर्थ है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा एक बार ऊपरी यमुना बेसिन पर बनने वाली रेणुका, किशाऊ वाला लखवाड़ बांध परियोजनाएं पूरी हों। उसके बाद ही जब यमुना में पानी होगा तो स्थितियों का आकलन किया जाएगा और उसके बाद ही और पानी छोड़े जाने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल तो हरियाणा पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है।
विज्ञापन
15 दिनों में तैयार हो जाएगा बैराज का डिजाइन
इस बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया भी मौजूद रहे। हरियाणा को इस वित्तीय वर्ष में जल जीवन मिशन के तहत 1119.95 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा सेंट्रल रिसर्च स्टेशन की रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय जल आयोग 15 दिनों के भीतर सरस्वती नदी पर बनने वाले आदि बद्री बांध व सोमवती बैराज का डिजाइन तैयार हो जाएगा।
हरियाणा की महाग्राम योजना के अंतर्गत आने वाले 130 गांव में 55 लीटर की बजाए 130 लीटर पेयजल और सीवेज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के हर गांव के लिए 25 करोड़ रुपये प्रति गांव की दर से कुल 3250 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है।
1659 गांवों में लगेंगे पीजोमीटर
मुख्यमंत्री ने कहा अटल योजना के तहत हरियाणा के 1659 गांव में भूजल का स्तर दर्ज करने की दिशा में पीजोमीटर लगाए जाएंगे और जल के सदुपयोग के साथ-साथ जल संरक्षण की योजनाएं भी तैयार की जाएंगी। हरियाणा में ग्रे वाटर मैनेजमेंट की दिशा में 15 एकड़ क्षेत्र में एक मॉडल वाटर बॉडी स्थापित किए जाने का भी प्रस्ताव केंद्र को दिया है।
इसमें स्थानीय स्तर पर मॉडल वाटर बॉडी में नवीनतम तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण के संदर्भ में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली बैठक अभी तक तय नहीं हुई है। इस दिशा में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया है।