वाड्रा मामला: नपेंगे नौकरशाह, राजनीतिज्ञों पर नहीं आएगी आंच
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जमीन सौदा मामले में जस्टिस ढींगरा आयोग की रिपोर्ट ने भले ही सियासी तूफान की जमीन तैयार कर दी है, मगर हकीकत यह है कि इस सियासी तूफान में सियासत से जुड़े लोगों का बाल बांका होना मुश्किल है। रिपोर्ट में भले ही जमीन सौदा मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष के दामाद और स्काईलाइट हॉस्पिटालिटी के मुखिया राबर्ट वाड्रा की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं, मगर इन पर कानूनी शिकंजा कसने का कोई आधार नहीं बन रहा।
रिपोर्ट के कारण स्काईलाइट हॉस्पिटालिटी को आनन फानन कालोनी बनाने का लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया में शामिल रहे 8 अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के पुख्ता आधार भी हैं।
आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में स्काईलाइट को महज 9 दिनों में ही कालोनी बनाने का लाइसेंस दिए जाने और इस दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं की कई खामियों और अनियमिताओं को गिनाया गया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इन नौकरशाहों के अतिरिक्त पूर्व सीएम हुड्डा और स्काईलाइट कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। राज्य सरकार इन्हीं सिफारिशों के आधार पर हुड्डा और वाड्रा के खिलाफ सियासी और कानूनी मोर्चा खोलने की तैयारी कर रही है।
रिपोर्ट जल्द होगी सार्वजनिक
आयोग से जुड़े रहे एक अधिकारी के मुताबिक स्काईलाइट हॉस्पटालिटी को कालोनी बसाने का आनन फानन लाइसेंस दिलाने को ले कर सियासी दबाव तो था, मगर इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है। इस क्रम में अनियमिता से संबंधित जो भी प्रमाण हैं वह उस दौरान शहरी विकास और कंट्री प्लानिंग से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ हैं।
चूंकि स्काईलाइट की भूमिका इस क्रम में महज कालोनी बसाने का लाइसेंस हासिल करने के लिए आवेदन करने और डीएलएफ की लाइसेंस हासिल होने के बाद स्काईलाइट से कई गुना ज्यादा कीमत पर जमीन हासिल करने तक सीमित है। इसलिए इन कंपनियों के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जाना मुश्किल है।
सूत्रों ने बताया कि आयोग की रिपोर्ट में राजनीतिक दबाव के कारण आनन फानन कालोनी बनाने का लाइसेंस दिए जाने और इस दौरान तय प्रक्रियाओं के हुए उल्लंघन के आधार पर हुड्डा, वाड्रा और इस प्रक्रिया से जुड़े नौकरशाहों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि अनियमितता मामले में हुड्डा या वाड्रा के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
हालांकि इस मामले को सियासी मोर्चे पर हुड्डा और कांग्रेस को घेरने केलिए हरियाणा सरकार रिपोर्ट को जल्द सार्वजनिक करेगी। राज्य सरकार आयोग की कार्रवाई की सिफारिश के आधार पर हुड्डा और वाड्रा के खिलाफ सियासी के साथ-साथ कानूनी मोर्चा भी खोलेगी। फिलहाल सरकार के रणनीतिकार आयोग की रिपोर्ट का गहन अध्ययन में जुटे हैं।