बागी तेवर दिखा चुके हुड्डा पर मेहरबान सोनिया गांधी, टिकट बंटवारे में पूर्व सीएम का जबरदस्त दबदबा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर खासी मेहरबानी दिखाई है। उम्मीदवारों की टिकट बंटवारे में हुड्डा का जबरदस्त दबदबा रहा है। वे अपने तकरीबन सभी समर्थकों को टिकट दिलाने में कामयाब रहे। अगस्त में बागी तेवर दिखा चुके हुड्डा पर कांग्रेस हाईकमान यानी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूरा भरोसा जताया है।
पिछले माह सोनिया गांधी से हुई भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुलाकात के बाद यह तय हो गया था कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष चाहे कोई भी रहे, मगर पार्टी की राजनीतिक चाबी हुड्डा के पास ही रहेगी। कांग्रेस हाईकमान पर उनके बागी तेवरों का असर इतना ज्यादा हुआ कि पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को भी किनारे लगा दिया गया।
किया था अनुच्छेद 370 का समर्थन
लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी दस सीटें, जिसमें से दो सीटों पर वे खुद और उनका बेटा उम्मीदवार था, हारने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अगस्त माह में बागी तेवर अख्तियार कर लिए थे। उनके समर्थकों का दबाव था कि वे प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालें। इसके लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थक कई बार कांग्रेस हाईकमान के पास भी पहुंचे थे। जब कहीं से कोई बात नहीं बनी, तो हुड्डा अनुच्छेद 370 का समर्थन कर बागी बनने की राह पर चल पड़े। रोहतक में रैली कर हुड्डा ने न केवल शक्तिप्रदर्शन किया, बल्कि बागी तेवर दिखाते हुए कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोल दिया। हुड्डा ने कह दिया कि कांग्रेस पार्टी रास्ते से भटक गई है।
उनकी रैली में पार्टी के अधिकांश मौजूदा विधायक, 60 से अधिक पूर्व मंत्री एवं विधायक और दूसरे पदाधिकारी पहुंचे थे। नतीजा, एक सप्ताह के भीतर कांग्रेस हाईकमान को हुड्डा के कद और ताकत का अंदाजा हो गया। हाईकमान को भी उनका यह संदेश समझ में आ गया था कि पार्टी के बुरे दौर में हुड्डा का जाना हरियाणा में कांग्रेस के लिए बहुत नुकसानदायक होगा। इसके बाद सोनिया गांधी ने हुड्डा को बुलाकर उनसे बातचीत की थी।