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हार्पी के हमले से पाकिस्तान में हाहाकार: डिफेंस सिस्टम को किया तबाह, जानें ड्रोन के बारे में सब कुछ

Thu, 08 May 2025 04:01 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 08 May 2025 04:01 PM IST
सार

हार्पी ड्रोन को इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने विकसित किया है। यह एक लॉइटरिंग म्युनिशन है। जिसे मुख्य रूप से दुश्मन के रडार सिस्टम और हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस ड्रोन के जरिये भारत ने पाकिस्तान में हमले किए।

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Harpy drone caused havoc in many cities of Pakistan including Lahore, know everything about it
हार्पी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को दावा किया कि भारत ने कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों सहित कई स्थानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमले किए हैं। भारत ने पाकिस्तान के जिन इलाकों को निशाना बनाया है, उन जगहों पर इस्राइल से मिले हार्पी ड्रोन का इस्तेमाल किया है। दुनिया से सबसे घातक ड्रोन में शुमार हार्पी ने पाकिस्तान की कई इमारतों का भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और अब तक 100 से अधिक आतंकी भारतीय सेना की कार्रवाई में मारे गए हैं।
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क्या है हार्पी ड्रोन?
हार्पी ड्रोन इस्राइल द्वारा निर्मित मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) है, जिसे इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने विकसित किया है। यह एक लॉइटरिंग म्युनिशन है। जिसे मुख्य रूप से दुश्मन के रडार सिस्टम और हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ड्रोन निगरानी और सटीक हमले दोनों में सक्षम है, जो इसे सैन्य अभियानों में एक प्रभावी हथियार बनाता है। हार्पी ड्रोन का फायर एंड फॉरगेट मिसाइल भी कहा जाता है। क्योंकि हमला करने के बाद ये ड्रोन नष्ट हो जाता है। भारत ने इन्हें 2000 में इस्राइल से खरीदा था। 
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हार्पी ड्रोन के बारे में विस्तृत जानकारी
हार्पी ड्रोन को इस्राइल ने 1980 के दशक में विकसित किया गया था। यह मूल रूप से सप्रेशन ऑफ एनिमी एयर डिफेंस (SEAD) मिशनों के लिए बनाया गया था, जिसमें दुश्मन के रडार और हवाई रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया जाता है। हार्पी का एक उन्नत संस्करण, हारोप (Harop) बाद में विकसित किया गया, जिसमें अधिक उन्नत सेंसर और लंबी रेंज शामिल है। हारोप को भारत सहित कई देशों ने अपनाया है। इसे खुद या ऑपरेटर द्वारा संचालित किया जा सकता है।
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डिजाइन और विशेषताएं
लॉइटरिंग म्युनिशन (कामिकेज ड्रोन), जो लक्ष्य पर सीधे हमला करने के लिए खुद को नष्ट कर देता है।  ये ड्रोन अधिकतम 185 किमी/घंटा (115 मील/घंटा) गति से उड़ान भर सकता है। इस ड्रोन के अलग-अलग संस्करण 500 से लेकर 1000 किमी तक की दूरी तय कर सकते हैं। एक बार एयरबोर्न होने पर ये आसमान में करीब छह से नौ घंटे तक रह सकते हैं। ये ड्रोन अपने साथ 32 किलो तक हथियार लेकर उड़ सकते हैं।
 
हार्पी ड्रोन हवा में लंबे समय तक मंडराने की क्षमता रखता है। यह किसी निर्धारित क्षेत्र में उड़ान भरता है, दुश्मन के रडार सिग्नल का पता लगाता है, और फिर स्वचालित रूप से या ऑपरेटर के आदेश पर लक्ष्य पर हमला करता है। यह ड्रोन अपने लक्ष्य पर गोता लगाकर हमला करता है और अपने विस्फोटक वारहेड के साथ खुद को नष्ट कर देता है, जिससे लक्ष्य को भारी नुकसान होता है।


दोहरी भूमिका वाली हथियार प्रणाली
हारोप (हार्पी का उन्नत संस्करण) निगरानी ड्रोन और घातक मिसाइल दोनों के रूप में कार्य करता है। यह लक्ष्य क्षेत्रों पर मंडराता है और फिर पता लगने पर लक्ष्य में गोता लगाता है, जिससे यह समय-संवेदनशील खतरों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी हो जाता है।
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