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Hardik Patel Quits Congress: गुजरात चुनाव से पहले हार्दिक ने क्यों छोड़ी कांग्रेस, अब आगे क्या?

Wed, 18 May 2022 02:11 PM IST
जयदेव सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जयदेव सिंह Updated Wed, 18 May 2022 02:11 PM IST
सार

गुजरात की राजनीति को समझने वाले लोग कहते हैं कि हार्दिक की नाराजगी की बड़ी वजह नरेश पटेल को पार्टी में शामिल करने की कोशिशें बताई जाती हैं। हार्दिक कड़वा पटेल समुदाय से आते हैं वहीं, नरेश पटेल लेउआ पटेल हैं।

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Hardik Patel Quits Congress Months Ahead of Gujarat Elections all you need to know
हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा। - फोटो : अमर उजाला/हिमांशु भट्ट

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। चुनाव से पहले उनका यह कदम कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। उनके पार्टी छोड़ने को लेकर लगातार अटकलें लग रही थीं। उनके एक बयान पर हुए बवाल के बाद आप के गुजरात प्रमुख ने हार्दिक को पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया था।  

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हार्दिक के इस कदम से कांग्रेस को क्या नुकसान होगा? हार्दिक का अगला कदम क्या होगा? क्या हार्दिक भाजपा जॉइन करेंगे या पकड़ेंगे आम आदमी पार्टी का झाड़ू? आइए समझते हैं... 
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पार्टी छोड़ने का हार्दिक ने क्या कारण बताया?
हार्दिक ने पार्टी छोड़ते हुए कहा, 'देश के युवा मजबूत नेतृत्व चाहते हैं, लेकिन मैंने पाया है कि पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस ने सिर्फ विरोध की राजनीति की। देश के लोगों को विरोध नहीं, बल्कि ऐसा विकल्प चाहिए जो उनके भविष्य के बारे में सोचता हो। देश को आगे ले जाने की क्षमता रखता हो। कांग्रेस को लगभग देश के हर राज्य में रिजेक्ट इसलिए किया क्योंकि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व जनता के समक्ष एक बेसिक रोडमैप प्रस्तुत नहीं कर पाया। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में किसी भी मुद्दे के प्रति गंभीरता की कमी दिखी। जब भी देश को सबसे ज्यादा जरूरत थी या कांग्रेस को नेतृत्व की आवश्यकता थी तो हमारे नेता विदेश में थे। शीर्ष नेतृत्व का बर्ताव गुजरात के प्रति ऐसा है, जैसे की वह गुजरात और गुजरातियों से नफरत करते हैं। गुजरात के नेता सिर्फ इस बात पर ध्यान देते हैं कि दिल्ली से आए नेता को चिकन सैंडविच मिला या नहीं। कांग्रेस ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है, इसलिए आज कोई भी युवा कांग्रेस के साथ दिखना नहीं चाहता है। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने पार्टी को गुजरात की जनता के मुद्दों को कमजोर किया।  
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आगे क्या कर सकते हैं हार्दिक? 
हार्दिक पटेल ने अपने इस्तीफे में कुछ ऐसे वाक्य भी लिखे, जिससे उनके भाजपा में जाने के कयास को बल मिल गया है। हार्दिक ने अपने इस्तीफे में राम मंदिर, सीएए-एनआरसी, आर्टिकल 370 और जीएसटी का जिक्र किया। कहा, 'इन मुद्दों का समाधान देश के लिए जरूरी था, लेकिन कांग्रेस लगातार इनमें बाधा ही बनती रही। हर मुद्दे पर कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति करती रही।' इन बयान से माना जा रहा है कि हार्दिक भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, उन्हें आम आदमी पार्टी से भी ऑफर मिल चुका है। पंजाब चुनाव जीतने के बाद आम आदमी पार्टी का फोकस गुजरात और हिमाचल चुनाव पर है। अरविंद केजरीवाल इन दोनों राज्यों में दूसरी पार्टी के नेताओं को आप से जोड़ने में जुटे हुए हैं। गुजरात में भाजपा और मोदी का चेहरा काफी मजबूत है। ऐसे में आम आदमी पार्टी को अगर गुजरात में पांव जमाना है तो इसके लिए उन्हें मजबूत चेहरों की जरूरत पड़ेगी। माना जा रहा है कि हार्दिक को पार्टी में शामिल कराने के लिए आम आदमी पार्टी काफी कोशिश कर रही है।  

हार्दिक का वो बयान जिसके बाद बढ़ी थी पार्टी छोड़ने की अटकलें 
बीते दिनों एक इंटरव्यू में हार्दिक ने कहा था कि गुजरात कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि मैं पार्टी छोड़ दूं। 2017 में पाटीदारों ने कांग्रेस को वोट दिया। अब कांग्रेस उनका अपमान कर रही है। उन्होंने खुद को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें राज्य कांग्रेस की किसी बैठक में नहीं बुलाया जाता है। किसी भी निर्णय से पहले उनसे सलाह नहीं ली जाती है। 2017 में पाटीदारों का वोट लेने के लिए कांग्रेस ने मेरा इस्तेमाल किया। 2022 में उनका वोट लेने के लिए आप नरेश पटेल का इस्तेमाल करना चाहते हैं। 2027 में आप किसी ओर पाटीदार नेता का इस्तेमाल करेंगे। आपने क्यों मेरा समर्थन नहीं किया और मुझे मजबूत क्यों नहीं किया गया। हार्दिक ने कहा कि कांग्रेस बिल्कुल नरेश भाई को पार्टी में शामिल करे लेकिन क्या उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार होगा जैसा मेरे साथ हुआ? हार्दिक ने कहा कि पार्टी में मेरी स्थिति उस नए दूल्हे की तरह है जिसकी शादी होते ही नसबंदी कर दी गई है। 

हार्दिक की नाराजगी की वजह क्या? 
गुजरात की राजनीति को समझने वाले लोग कहते हैं कि हार्दिक की नाराजगी की बड़ी वजह नरेश पटेल को पार्टी में शामिल करने की कोशिशें रही हैं। हार्दिक कड़वा पटेल समुदाय से आते हैं वहीं, नरेश पटेल लेउआ पटेल हैं। नरेश अगर पार्टी में आते हैं तो पटेल नेता के तौर पर हार्दिक को अपना कद कम होने का डर था। हार्दिक की नराजगी की दूसरी बड़ी वजह है पार्टी में उनकी बातों को नहीं सुना जाना था। विशेषज्ञ कहते हैं कि हार्दिक भले पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष थे, लेकिन पार्टी के फैसले में उनकी नहीं चलती थी। पार्टी के अंदर हार्दिक को लेकर पहले से भी असंतोष था। उनकी वजह से कई वरिष्ठ नेता खुद को उपेक्षित महसूस करते थे। ऐसे नेता हार्दिक का सहयोग नहीं करते थे। यही बात खुद हार्दिक भी लगातार कह रहे थे।  

कांग्रेस को इससे कितना नुकसान होगा?
ज्यादातर एक्सपर्ट मानते हैं कि गुजरात में केजरीवाल जितने ज्यादा सक्रिय होंगे उतना ज्यादा वो कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे। आप में जो भी जा रहा है वह या तो कांग्रेस के नेता हैं या उनके वोटर। गुरुवार को ही सौराष्ट्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्रनील राजगुरु और राजकोट नगर निगम के पूर्व नेता वशरामभाई सागठिया इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के भी आप में जाने की अटकलें हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कांग्रेस नेता वाघेला के साथ हार्दिक पटेल भी आप का दामन थाम सकते हैं। इसके अलावा अगर आम आदमी पार्टी हार्दिक और नरेश पटेल को अपने साथ लाने में सफल हो जाती है तो इससे उसे काफी फायदा हो सकता है। इसके साथ ही इसका कांग्रेस के साथ भाजपा को भी नुकसान हो सकता है।

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