Hamas Chief: 94 दिन पहले ही हानिया के तीन बेटों और चार पोतों की हत्याओं ने लिख दी थी 'स्क्रिप्ट स्माइल'
बीते कुछ समय से चल रही इस्राइल और फिलीस्तीन के युद्ध में इस तरीके की घटना होगी, इसकी चर्चा और जानकारी अमूमन सभी को थी। हालांकि बुधवार को हमास चीफ स्माइल हानिया की मौत इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने की है या नहीं इसकी ना तो कोई जानकारी सामने आई है और ना ही इसकी कोई पुष्टि हुई है।
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हमास के चीफ इस्माइल हानिया की बुधवार को तेहरान में हत्या कर दी गई। यह हत्या किसने की है, इसे लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने न तो कोई जिम्मेदारी ली है, और न ही कोई बयान आया है। लेकिन माना यही जा रहा है कि जिस तरीके से मोसाद ने इस्माइल हानिया को मारने की कसम खाई थी, वह पूरी हो गई है। हमास के चीफ स्माइल हानिया की मौत से 94 दिन पहले उसके तीन बेटे और चार पोतों को फिलीस्तीन के भीतर ही मार दिया गया था। उसी के बाद से तय हो गया था कि हमास चीफ स्माइल हानिया की भी हत्या होगी। रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इंतजार इसी बात का हो रहा था कि वह गाजा पट्टी और फिलीस्तीन के इलाकों से निकल कर बाहर आए। फिलहाल हमास के मुखिया स्माइल हानिया की मौत में सैटेलाइट मिसाइल के इस्तेमाल की सटीक सूचना मिली है। इस मिसाइल के इस्तेमाल से हानिया को मारा गया है।
बीते कुछ समय से चल रही इस्राइल और फिलीस्तीन के युद्ध में इस तरीके की घटना होगी, इसकी चर्चा और जानकारी अमूमन सभी को थी। हालांकि बुधवार को हमास चीफ स्माइल हानिया की मौत इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने की है या नहीं इसकी ना तो कोई जानकारी सामने आई है और ना ही इसकी कोई पुष्टि हुई है। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि जिस तरीके से यह घटना हुई है, उससे इस बात की पुष्टि होती है कि हमास चीफ को सैटेलाइट मिसाइल से सटीक जानकारी के आधार पर मारा गया है। देश की अलग-अलग खुफिया एजेंसी के लिए विदेशों में काम करने वाले एक वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारी कहते हैं कि जिस तरीके से हमास के चीफ की हत्या हुई है, उसमें भले ही इस्राइल या उसकी एजेंसी कुछ ना कहे, लेकिन सीधा शक मोसाद की ओर ही जाता है। उनका तर्क है कि जिस तरीके से लगातार इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच गाजा पट्टी में युद्ध चल रहा है, उसमें हमास ही सीधे तौर पर लड़ रही है। अब क्योंकि यह सब मामले सबूत के आधार पर तय होते हैं। इसलिए जब तक आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं होती, तब तक किसने हत्या की है यह सिर्फ एक कयास ही कहा जाएगा।
दरअसल 94 दिन पहले अप्रैल के महीने में हमास के मुखिया इस्माइल हानिया के तीन बेटों और चार पोतों को हवाई हमले में मार दिया गया था। यह हमला फिलीस्तीन के भीतर हुआ था। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना कि अपने घर के चार लोगों की मौत के बाद हमास चीफ हानिया ने भी इस्राइल को सबक सिखाने के लिए लगातार हमले जारी किए थे। विदेशी मामलों के जानकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अभिषेक प्रताप सिंह कहते हैं कि इस हमले के बाद ही यह तय हो गया था कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। उनका मानना है कि आधिकारिक तौर पर भले ही इसकी पुष्टि न हो कि हमास के चीफ इस्माइल हानिया की हत्या किसने करवाई है। लेकिन जिस तरीके से ईरान के भीतर पहले से इस्राइल की ओर से हमले होते रहे हैं। इसलिए इस हमले और हत्या के मामले में भी दुनिया के हिस्से में इस तरह की चर्चा होना लाजमी है। लेकिन वास्तविकता क्या है, यह तो या किसी एजेंसी की स्वीकारोक्ति पर निर्भर करता है।
रक्षा और विदेशी मामलों के जानकार मानते हैं कि हमास के चीफ की हत्या के पीछे लगातार की जाने वाली 24 घंटे की मॉनिटरिंग है। रक्षा मामलों के विशेषज्ञ रिटायर्ड ब्रिगेडियर दलबीर सिंह कहते हैं कि कोई भी देश अपने दुश्मन को खासतौर से वह दुश्मन जो मजबूत भी हो और लगातार चुनौती दे रहा हो, उसकी सघन मॉनिटरिंग होती है। इसके लिए पल-पल की निगरानी के लिए अलग-अलग एजेंसियां और उस देश की खुफिया एजेंसी से लेकर सुरक्षा एजेंसी काम करती है। उनका कहना है कि जिस तरीके से हमास के चीफ की हत्या हुई है, उससे इस बात की तो पुष्टि होती है कि किस तरीके से उसे मारने वाला उस पर पल-पल की निगरानी रख रहा था। उनका मानना है कि हमास का इस्राइल के साथ लगातार युद्ध चल रहा है। तकनीकी मामलों में हमास इस्राइल से बहुत पीछे है। अब यह हत्या इस्राइल ने की है या नहीं, यह तो स्पष्ट नहीं है। लेकिन तेहरान में एक घर के भीतर सटीक निशाने के साथ जिस तरह से हमास चीफ को मारा गया है वह सैटेलाइट मिसाइल की वजह से ही संभव लग रहा है।