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पति संग रहना चाहती है हादिया, बोली- मर्जी से इस्लाम कुबूल किया और शफीन से की शादी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Feb 2018 10:26 PM IST
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Hadiya
केरल लव जिहाद मामले से चर्चा में आई युवती हादिया ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह मुस्लिम है और मुस्लिम ही बना रहना चाहती है। उसने कहा कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कुबूल किया है और शादी की है। उसने कहा है कि वह अपने पति के साथ जीवन व्यतीत करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में गुरुवार को सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में हादिया ने कहा है कि उसकी आजादी छीन ली गई है। उसे ‘बंधक’ की तौर पर रखा जा रहा है। अब भी वह पुलिस की निगरानी में है। हादिया ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसकी आजादी बहाल की जाए। हादिया ने हलफनामा दायर कर कहा है कि उसे अपनी पसंद को चुनने का अधिकार है और उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाए। 25 पन्नों के अपने हलफनामे में हादिया ने यह बताया है कि कैसे उसके माता-पिता और अन्य लोगों ने उसे इस्लाम धर्म को छोड़ने का दबाव डाला।
साथ ही उसे पति को छोड़ने का दबाव बनाया जाता रहा। हादिया ने कहा कि उसे अपनी पसंद के लड़के के साथ शादी का अधिकार है। उसे मौलिक अधिकारों से महरूम नहीं रखा जा सकती। हादिया ने यह भी कहा कि उसके पति शफीन का आईएसआईएस से कोई लेना देना नहीं है। उसने पति को अभिभावक बनाने की गुहार की है। मालूम हो कि फिलहाल कॉलेज होस्टल के वार्डन को उसका अभिभावक बनाया गया है। साथ ही हादिया ने गुहार की है कि उसे शफीन के साथ पति-पत्नी के तौर पर रहने की इजाजत दी जाए।
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सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में हादिया ने कहा है कि उसकी आजादी छीन ली गई है। उसे ‘बंधक’ की तौर पर रखा जा रहा है। अब भी वह पुलिस की निगरानी में है। हादिया ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसकी आजादी बहाल की जाए। हादिया ने हलफनामा दायर कर कहा है कि उसे अपनी पसंद को चुनने का अधिकार है और उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाए। 25 पन्नों के अपने हलफनामे में हादिया ने यह बताया है कि कैसे उसके माता-पिता और अन्य लोगों ने उसे इस्लाम धर्म को छोड़ने का दबाव डाला।
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साथ ही उसे पति को छोड़ने का दबाव बनाया जाता रहा। हादिया ने कहा कि उसे अपनी पसंद के लड़के के साथ शादी का अधिकार है। उसे मौलिक अधिकारों से महरूम नहीं रखा जा सकती। हादिया ने यह भी कहा कि उसके पति शफीन का आईएसआईएस से कोई लेना देना नहीं है। उसने पति को अभिभावक बनाने की गुहार की है। मालूम हो कि फिलहाल कॉलेज होस्टल के वार्डन को उसका अभिभावक बनाया गया है। साथ ही हादिया ने गुहार की है कि उसे शफीन के साथ पति-पत्नी के तौर पर रहने की इजाजत दी जाए।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा हादिया बालिग है लिहाजा उसकी राय जरूरी है
सुप्रीम कोर्ट
मालूम हो कि 25 वर्षीय हादिया ने इस्लाम धर्म कुबूल कर मुस्लिम युवक शफीन जहां से शादी की थी। हादिया के पिता ने केरल हाईकोर्ट में हैबियस कॉरपस की याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने हादिया की शादी को शून्य करार देते हुए हादिया को पिता की कस्टडी में डाल दिया था। उसके बाद पति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि हादिया बालिग है लिहाजा उसकी राय जरूरी है। अदालत ने हादिया को अदालत में बुलाकर उसकी इच्छा के बारे में पूछा। हादिया ने साफ किया कि वह पति शफीन के साथ रहना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने हादिया को पिता की कस्टडी से हटाते हुए उसे अधूरी पढ़ाई पूरी करने कॉलेज भेज दिया था। गत 23 जनवरी को हादिया ने एक वकील की माध्यम से इस मामले में पक्षकार बन अपनी मर्जी बताने की इजाजत मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि हादिया बालिग है लिहाजा उसकी राय जरूरी है। अदालत ने हादिया को अदालत में बुलाकर उसकी इच्छा के बारे में पूछा। हादिया ने साफ किया कि वह पति शफीन के साथ रहना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने हादिया को पिता की कस्टडी से हटाते हुए उसे अधूरी पढ़ाई पूरी करने कॉलेज भेज दिया था। गत 23 जनवरी को हादिया ने एक वकील की माध्यम से इस मामले में पक्षकार बन अपनी मर्जी बताने की इजाजत मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था।