Gyanvapi case in Supreme Court : ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर रोक की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
याचिका में वाराणसी की कोर्ट के आदेश पर शुरू हुए सर्वे पर रोक लगाने और यथास्थिति कायम रखने की मांग की गई है।
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बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सच सामने लाने के लिए शुरू हुए सर्वे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ संबंधित याचिका पर सुनवाई करेगी।
याचिका में वाराणसी की कोर्ट के आदेश पर शुरू हुए सर्वे पर रोक लगाने और यथास्थिति कायम रखने की मांग की गई है। जस्टिस चंद्रचूड़ के समक्ष मामले को सूचीबद्ध करने का सीजेआई एनवी रमण का आदेश शुक्रवार रात को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी की निचली कोर्ट के फैसले को चुनौती दी दी गई थी, लेकिन 21 अप्रैल को हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील हुजेफा अहमदी ने सीजेआई के समक्ष मामले का उल्लेख किया था। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश रमण ने इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।शुक्रवार को वकील हुजेफा अहमदी ने सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए वाराणसी सिविल कोर्ट के समक्ष लंबित मामले में यथास्थिति का आदेश देने के लिए कहा। पीठ ने मामले में यथास्थिति प्रदान करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि उसे इस मुद्दे की जानकारी नहीं है, क्योंकि पीठ ने तब कागजात नहीं देखे थे।
अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने दायर की याचिका
वकील अहमदी अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से पेश हुए और कहा कि वाराणसी की संपत्ति का सर्वे शुरू हो चुका है। यह संपत्ति धर्मस्थल कानून के दायरे में आती है, लेकिन अब कोर्ट ने कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह सर्वे कराए।
कमेटी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इस सर्वे को हरी झंडी देने को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर को निरीक्षण करने व सर्वे व वीडियोग्राफी कराने की इजाजत दी है। ज्ञानवापी मस्जिद पर हिंदू व मुस्लिम दोनों पक्ष अपने अधिकार का दावा करते हैं।
सर्वे शुरू, 17 मई को कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
उधर, मस्जिद के सर्वे का काम शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया। गुरुवार को अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए नए सिरे से सर्वे का आदेश दिया है। 17 मई को अदालत में इस मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी है। ऐसे में शनिवार से शुरू हुआ सर्वे 16 मई तक हर दिन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगा।