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ग्वाला दिवसः सिक्किम के सीएम प्रेम तमांग बोले- दुग्ध किसानों की मेहनत से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
सार
सिक्किम में 'ग्वाला दिवस-2026' पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बताते हुए किसानों और सहकारी समितियों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादकों, समितियों और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। पढ़िए रिपोर्ट-
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प्रेम तमांग
- फोटो : एक्स/प्रेम सिंह तमांग
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विस्तार
सिक्किम में डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि दुग्ध किसानों और सहकारी समितियों के निरंतर प्रयासों से राज्य का डेयरी क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहकारिता मॉडल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री दक्षिण सिक्किम के नामची स्थित टाउन हॉल में आयोजित 'ग्वाला दिवस-2026' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दुग्ध उत्पादकों, सहकारी समितियों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली ग्राम दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पुरस्कार दिए गए। गंगटोक जिले की पाब्यूइक मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी को पहला, ग्यालशिंग की अपर शंखू मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी को दूसरा और सोरेंग की अपर श्रीबादाम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी को तीसरा स्थान मिला। विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादकों के अलावा ग्वाला समुदाय के मेधावी छात्र आदित्य पांडेय को भी सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर अरुण राय को वर्ष 2025-26 का प्रतिष्ठित 'ग्वाला रत्न पुरस्कार' प्रदान किया गया। उन्हें डेयरी क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान और लंबे समय से किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डेयरी से जुड़े नए उत्पादों का भी शुभारंभ किया गया।
ये भी पढ़ें: राशन वितरण व्यवस्था में सुधार: सरकार का एलान- अब मिलेंगे पहले से बेहतर गुणवत्ता वाले चावल, 30 साल बाद बदलाव
साथ ही किसानों को सशक्त बनाने, सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नई पहल शुरू की गईं। मुख्यमंत्री
ने कहा कि राज्य के दुग्ध किसान, सहकारी समितियां और इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारक अपने समर्पण और मेहनत से सिक्किम के डेयरी आंदोलन को नई दिशा
दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के सहयोग और किसानों की भागीदारी से राज्य का डेयरी क्षेत्र आने वाले वर्षों में और अधिक सशक्त होगा तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
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मुख्यमंत्री दक्षिण सिक्किम के नामची स्थित टाउन हॉल में आयोजित 'ग्वाला दिवस-2026' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दुग्ध उत्पादकों, सहकारी समितियों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
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कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली ग्राम दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पुरस्कार दिए गए। गंगटोक जिले की पाब्यूइक मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी को पहला, ग्यालशिंग की अपर शंखू मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी को दूसरा और सोरेंग की अपर श्रीबादाम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी को तीसरा स्थान मिला। विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादकों के अलावा ग्वाला समुदाय के मेधावी छात्र आदित्य पांडेय को भी सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर अरुण राय को वर्ष 2025-26 का प्रतिष्ठित 'ग्वाला रत्न पुरस्कार' प्रदान किया गया। उन्हें डेयरी क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान और लंबे समय से किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डेयरी से जुड़े नए उत्पादों का भी शुभारंभ किया गया।
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साथ ही किसानों को सशक्त बनाने, सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नई पहल शुरू की गईं। मुख्यमंत्री
ने कहा कि राज्य के दुग्ध किसान, सहकारी समितियां और इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारक अपने समर्पण और मेहनत से सिक्किम के डेयरी आंदोलन को नई दिशा
दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के सहयोग और किसानों की भागीदारी से राज्य का डेयरी क्षेत्र आने वाले वर्षों में और अधिक सशक्त होगा तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।