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Hindi News ›   India News ›   Gujarat: Vadodara resident MAYANK TIWARI arrested for posing as PMO official

Vadodara: खुद को PMO अधिकारी बताने वाला धोखेबाज गिरफ्तार, दो बच्चों का निजी स्कूल में कराया दाखिला

Sat, 24 Jun 2023 03:18 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 24 Jun 2023 03:18 PM IST
सार

आजकल गुजरात में ठगने का एक नया तरीका आजमाया जा रहा है। लोग खुद को पीएमओ अधिकारी बताकर ठगी कर रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद के किरण पटेल के बाद मयंक तिवारी दूसरा व्यक्ति है, जिसे पीएमओ अधिकारी होने का दावा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 

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Gujarat: Vadodara resident MAYANK TIWARI arrested for posing as PMO official
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

गुजरात के वडोदरा शहर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। ये शख्स अपने आपको प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताकर ठगी करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी को यहां एक निजी स्कूल में दो बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए खुद को पीएमओ अधिकारी बताने और अपनी फर्जी पहचान के साथ भारी रकम की ठगी करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित की पहचान मयंक तिवारी के रूप में हुई है। गौरतलब है, इससे पहले अहमदाबाद निवासी किरण पटेल को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी बताने के आरोप में जम्मू-कश्मीर के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया था। इतना ही नहीं, पटेल ने कश्मीर में अधिकारियों को चकमा देकर सुरक्षा का भी आनंद लिया था।

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शहर के वाघोडिया पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पीएमओ में एक निदेशक (रणनीतिक सलाहकार) के रूप में अपनी पहचान बताते हुए तिवारी पहली बार प्रवेश सत्र के दौरान मार्च 2022 में स्कूल और उसके ट्रस्टी के संपर्क में आया। तिवारी ने अपने दोस्त के दो बेटों के प्रवेश के लिए स्कूल से मदद मांगी। उसने स्कूल के निदेशक को अपने दोस्त की पहचान भारतीय सेना के अधिकारी मिर्जा बैग के रूप में कराई। आरोपी ने कहा कि मिर्जा का पुणे से वडोदरा ट्रांसफर किया जा रहा है इसलिए बच्चों का एडमिशन कराना है। इस पर निदेशक ने सुझाव दिया की वे ट्रस्टी से मिल ले, जो वडोदरा में एक निजी विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं। 

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आरोपी मयंक ट्रस्टी से मिलने गया और अपना परिचय पीएमओ के अधिकारी के रूप में कराया। आरोपी ने ट्रस्टी को समझाया कि अगर उसके खर्चों का ध्यान रखा जाए तो वह अपनी ताकत का इस्तेमाल कर स्कूल को शिक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में शामिल कर सकता है और उन्हें विभिन्न परियोजनाएं दिला सकता है। चिकनी-चुपड़ी बात करने वाले व्यक्ति ने ट्रस्टी और स्कूल के निदेशक को बड़ी रकम ठगने के इरादे से विश्वास में लिया। दोनों बच्चों का स्कूल में प्रवेश भी हो गया।

कुछ महीने बाद, ट्रस्टी को तिवारी के पीएमओ अधिकारी होने पर संदेह हुआ। उन्होंने अपने आसपास के लोगों से बात करना शुरू किया और तिवारी के बारे में पूछताछ की। ट्रस्टी को बाद में पता चला कि तिवारी पीएमओ का अधिकारी नहीं था और उसने उन्हें धोखा दिया है। स्कूल प्रशासन की शिकायत पर, वाघोडिया पुलिस ने शुक्रवार को तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

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