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रूपाणी का इस्तीफा: वाघेला बोले- गुजरात में केंद्र ने अपनी पसंद का नेतृत्व थोपा तो यूपी के साथ हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

Sat, 11 Sep 2021 06:02 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sat, 11 Sep 2021 06:02 PM IST
सार

अमर उजाला से चर्चा करते हुए गुजरात की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने कहा कि, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कोरोना से लेकर आर्थिक मोर्चे पर विफल हो गई। वह अपनी नाकामियों का ठीकरा राज्य के मुख्यमंत्रियों के ऊपर फोड़ रही है और उन्हें हटा रही है...

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Gujarat: shankersinh vaghela said on CM Rupani resignation, Gujarat assembly elections can be held with UP election 2022
विजय रूपाणी और शंकर सिंह वाघेला - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने विधानसभा चुनाव से 15 माह पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्य के नए मुख्यमंत्री की रेस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सीआर पटेल और केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला के नाम आगे चल रहे हैं। इस बीच अमर उजाला से चर्चा करते हुए गुजरात की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने कहा कि, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कोरोना से लेकर आर्थिक मोर्चे पर विफल हो गई। वह अपनी नाकामियों का ठीकरा राज्य के मुख्यमंत्रियों के ऊपर फोड़ रही है और उन्हें हटा रही है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान जब गुजरात में लोग मर रहे थे तो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री क्या कर रहे थे। तब यहां कोई भी देखना वाला तक नहीं था। आज केंद्रीय नेतृत्व विजय रूपाणी को जिम्मेदारी बताकर अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रहा है। रूपाणी गुजरात में केवल नाम के मुख्यमंत्री थे। उन्हें राज्य के फैसले लेने का कोई भी अधिकार नहीं था। राज्य के सारे फैसले पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में बैठकर ले रहे थे।

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वाघेला ने आगे कहा, गुजरात में भाजपा पूरी तरह से खत्म हो गई हैं। गांव, तहसील से लेकर संभाग स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैला हुआ है। इसके लिए पूरी तरह से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जिम्मेदार है। कई बार देखने में आया है कि पार्टी के कार्यकर्ता ही अपनी सरकार के फैसले के खिलाफ नजर आ रहे हैं। प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी तो खुले तौर पर सरकार के कामों की अलोचना करने से भी नहीं बाज आते थे। आज अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व किसी विधायक को छोड़कर किसी सांसद या केंद्रीय मंत्री को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाता है तो गुजरात में मध्यावधि चुनाव हो जाएंगे। नया सीएम 15 माह भी अपनी सरकार नहीं चला सकेगा। पार्टी में असंतोष इतना बढ़ जाएगा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के साथ ही उन्हें गुजरात के भी विधानसभा चुनाव करवाने होंगे।

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कई दिनों से थीं नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें

बीते कुछ दिनों से गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लग रही थीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात करीब आठ बजे अचानक अहमदाबाद पहुंचे थे। उनके गुजरात आने का कोई तय शेड्यूल नहीं था। एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करने राज्य गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, मेयर किरीट परमार और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन हितेश बारोट पहुंचे थे। हालांकि गुरुवार रात को अमित शाह अपनी बहन के घर पहुंचे थे, तो लगा कि पारिवारिक काम से आए होंगे, लेकिन अब लग रहा है कि शायद सत्ता में बदलाव के सिलसिले में ही वे गुजरात पहुंचे होंगे।

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