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Gujarat: अमरेली जिले में ट्रेन की चपेट में आकर एक शेर की मौत, एक अन्य घायल
Fri, 21 Jul 2023 07:16 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, अमरेली (गुजरात)।
पीटीआई, अमरेली (गुजरात)।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 21 Jul 2023 07:16 PM IST
सार
राजुला रेंज के वन अधिकारी ने बताया कि शेत्रुंजी वन क्षेत्र में पड़ने वाला यह राजस्व क्षेत्र बब्बर शेरों का लंबे समय से आवास रहा है और कई बार वे रेलवे ट्रैक को पार करते हैं और शेरों के संबंधित झुंड को भी ट्रैक के पास देखा गया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गुजरात के अमरेली जिले में शुक्रवार तड़के एक मालगाड़ी की चपेट में आने से एक बब्बर शेर की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना राजुला तालुका के उचैया (Uchaiya) गांव के पास गुरुवार देर रात करीब दो बजकर पांच मिनट पर हुई। उन्होंने बताया कि वन विभाग के कर्मियों ने घटना से कुछ देर पहले दो शेरों और दो शेरनियों के झुंड को पिपावाव बंदरगाह को राजुला कस्बे से जोड़ने वाली रेलवे लाइन के पास देखा था।
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पिपावाव बंदरगाह को राजुला कस्बे से जोड़ने वाली 35 किलोमीटर लंबा रेलवे मार्ग गिर वन के राजस्व क्षेत्र में पड़ता है। गिर के जंगल दुनिया में बब्बर शेरों का एकमात्र निवास स्थान हैं। राजुला रेंज के वन अधिकारी (आरएफओ) योगराजसिंह राठौड़ ने बताया कि शेत्रुंजी वन क्षेत्र में पड़ने वाला यह राजस्व क्षेत्र बब्बर शेरों का लंबे समय से आवास रहा है और कई बार वे रेलवे ट्रैक को पार करते हैं और शेरों के संबंधित झुंड को भी ट्रैक के पास देखा गया था।
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वन अधिकारी राठौड़ ने कहा, चार शेरों के रेल ट्रैक पर होने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में गश्त कर रहे हमारे रेलवे सेवक ने अपनी टॉर्च जलाकर आने वाली मालगाड़ी के चालक को सतर्क किया। लोको पायलट ने तत्काल आपात ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन की चपेट में आकर एक शेर की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि लोको पायलट ने जब तक आपातकालीन ब्रेक लगाए, तब तक ट्रेन शेरों के काफी नजदीक पहुंच गई थी और इस कारण मालगाड़ी समय पर नहीं रुक सकी।
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उन्होंने कहा, हमारे कर्मचारी दो शेरनियों को समय पर पटरी से खदेड़कर सुरक्षित बचाने में कामयाब रहे, लेकिन ट्रेन की चपेट में आने से एक अन्य शेर घायल हो गया। घायल शेर को इलाज के लिए जूनागढ़ के सक्कारबाग चिड़ियाघर ले जाया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य के वन विभाग ने रेल पटरी के दोनों ओर बाड़ लगाई थी, ताकि शेरों को रेलगाड़ियों की चपेट में आने से रोका जा सके, लेकिन 2021 में आए चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ (Tauktae) की वजह से बाड़ और कई निगरानी टॉवर क्षतिग्रस्त हो गए।
राठौड़ ने कहा, मरम्मत का काम चल रहा है और शेरों पर नजर रखने के लिए रेल पटरी के आसपास सात निगरानी टॉवर फिर से बनाए गए हैं। हमने लोको पायलट को सचेत करने और रेल पटरी सुरक्षित पार करने में शेरों की मदद करने के लिए रेलवे सेवकों की तैनाती की है। पिछले साल हमने 36 अलग-अलग मौकों पर 106 शेरों की सुरक्षित ढंग से रेल पटरी पार करने में मदद की थी।