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Gujarat: 2017 में जहां 70% से अधिक मतदान हुआ, वहां कांग्रेस को हुआ था ज्यादा फायदा, जानें इस बार के आंकड़े?

Thu, 01 Dec 2022 06:27 PM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Thu, 01 Dec 2022 06:27 PM IST
सार

2017 विधानसभा चुनाव के दौरान गुजरात की जिन सीटों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई थी, उनमें से ज्यादातर कांग्रेस के खाते में गई थी। जानिए तब भाजपा की क्या स्थिति थी और इस बार कितने विधानसभा सीटों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है?

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Gujarat: In 2017, where more than 70% voting took place, Congress got more benefit, know this time's figures?
गुजरात चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात के 19 जिलों की 89 विधानसभा सीटों में आज 788 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। पहले चरण में  करीब 59 फीसदी से ज्यादा लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि, अंतिम आंकड़े आने अभी बाकी हैं।
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पिछली बार इन सीटों पर कुल 67.23% लोगों ने वोट डाला था। तब सबसे ज्यादा नर्मदा जिले की डेडीआपाडा सीट पर  85.42% और सबसे कम कच्छ जिले की गांधीधाम सीट पर 54.53% वोटिंग हुई थी। इस बार सबसे ज्यादा तापी जिले की निजार सीट पर 77.87% और सबसे कम कच्छ जिले की गांधीधाम सीट पर 39.89% लोगों ने वोट डाला। 
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इस बीच, एक और चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। इसके अनुसार, 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान गुजरात की जिन सीटों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई थी, उनमें से ज्यादातर कांग्रेस के खाते में गई थी। हालांकि भाजपा भी ज्यादा पीछे नहीं थी। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि इस बार कितनी सीटों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है? किन-किन के बीच मुकाबला है? 
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2017 में इन सीटों पर हुई थी 70 फीसदी से ज्यादा वोटिंग
पिछली बार यानी 2017 में 27 सीटें ऐसी थीं, जहां 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था। इनमें से 14 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। कपराडा, नीजर, मांडवी (एसटी), व्यारा, वांसदा, नंदोद, सोमनाथ, वंकानेर, टंकारा, जसदण, डांग्स, मोरबी, जंबुसर, तलाला में कांग्रेस प्रत्याशियों को जीत मिली थी। यहां 70 से 80 प्रतिशत तक वोट पड़े थे। 
 
भाजपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। इनमें धरमपुर, मंगरोल (एसटी), वागरा, महुवा (एसटी), गनदेवी, जलालपोर, बरदोली, अंकलेश्वर, मांडवी, नवसारी, जेतपुर (राजकोट) सीट शामिल है। दो सीटें ऐसी थीं, जहां से भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रत्याशी चुनाव जीते थे। इसमें डेडीआपाडा और झगडिया विधानसभा सीट शामिल है। 
 

इस बार कहां-कहां 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ? 
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में गुजरात की पांच सीटों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है। सबसे ज्यादा निजार सीट पर 77.87% लोगों ने वोट डाला। झगडिया में 77.65%, कपराडा में 75.17%, डेडीआपाडा में 71.20%, महुआ में 71.36% और बंस्दा में 70.62% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अभी मतदान के प्रतिशत में और इजाफा हो सकता है। ये आंकड़े अपडेटेड नहीं हैं। मतलब कुछ और सीटें हो सकती हैं, जहां 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान का आंकड़ा जा सकता है। 
 

तो क्या अधिक मतदान से बढ़ेगी भाजपा की मुश्किल?
इसे समझने के लिए हमने गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार वीरांग भट्ट से बात की। उन्होंने कहा, 'गुजरात में भाजपा 27 साल से काबिज है। ऐसे में एंटीइनकंबेंसी का माहौल बनना लाजिम है। हालांकि, भाजपा ने इससे निपटने के लिए कई चेहरों को बदल दिया है। पिछले चुनावों में भाजपा ये तरीका अपना चुकी है। इसका उसे फायदा भी हुआ है और भाजपा लगातार चुनाव जीतती रही है।'
 
भट्ट के अनुसार, आमतौर पर ज्यादा मतदान से सत्ताधारी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ता है। कहा जाता है कि ज्यादा मतदान का मतलब बदलाव की बयार होती है। हालांकि,  कई बार ज्यादा मतदान के बावजूद सत्ता में रहने वाली पार्टियों को जीत मिलती है।
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