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गुजरातः गैंगस्टर के साथ भागी आईएएस अधिकारी की पत्नी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में खुद को बताया बेकसूर
Tue, 23 Jul 2024 09:48 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 23 Jul 2024 09:48 PM IST
सार
लगभग आठ महीने पहले अपने गैंगस्टर दोस्त के साथ भागी गुजरात के आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार जे. की पत्नी सूर्या ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने बताया कि महिला ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र छोड़ा है, जिसमें प्रदेश में अपने खिलाफ दर्ज दो मामलों में खुद को निर्दोष बताया है।
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आईएएस अधिकारी की पत्नी ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुजरात के आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार की पत्नी ने आत्महत्या कर ली है। वहीं पुलिस के मुताबिक उसने सुसाइड से पहले खुद को बेकसूर बताते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नाम पत्र भी लिखा है। बता दें कि आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार की पत्नी आठ महीने पहले अपने गैंगस्टर दोस्त के साथ भाग गई थी।
घर में घुसने पर मना करने पर खाया जहर
एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि बीते शनिवार को जब सूर्या गांधीनगर में मौजूद अपने घर लौटी तो आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार के सुरक्षाकर्मियों ने उसे घर में घुसने से मना कर दिया, जिससे आहत होकर उसने जहर खा लिया। इसके बाद उसे यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
आठ महीने से हत्या के आरोपी अपने दोस्त साथ रह रही थी सूर्या
बता दें कि तमिलनाडु के रहने वाले 2005 बैच आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार वर्तमान में गुजरात विद्युत नियामक आयोग (जीईआरसी) में सचिव के पद पर तैनात हैं। मामले में गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि तेजा वासमसेट्टी ने बताया कि सूर्या आठ महीने से तमिलनाडु में अपने दोस्त राजा के साथ रह रही थी। राजा हत्या का दोषी है।
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एक बच्चे के अपहरण मामले में थी मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक दोनों साथ मिलकर एक व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने राजा को गिरफ्तार कर लिया तो उनकी योजना फेल हो गई। जबकि सूर्या को हत्या के दोषी को शरण देने के लिए आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा, वह एक बच्चे के अपहरण मामले में मुख्य आरोपी थी और तमिलनाडु पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
गांधीनगर एसपी ने बताई सूर्या की पूरी कहानी
एसपी वासमसेट्टी ने कहा, व्यवसाय में हुए नुकसान को कवर करने और कानूनी खर्चों को पूरा करने के लिए, उसने अपनी संपत्ति लक्ष्मी नाम की एक महिला को बेच दी। इसके बाद वह बेंगलुरु चली गई और शेफ बनने के लिए एक कोर्स में दाखिला लिया। जब सूर्या ने लक्ष्मी से कोर्स की फीस भरने में मदद करने का आग्रह किया, तो उसने इनकार कर दिया और सूर्या से अपनी बची हुई संपत्ति बेचने को कहा। इसके बाद सूर्या ने कथित तौर पर मदुरै में लक्ष्मी के बेटे का अपहरण करवा दिया, जिसके लिए दो सप्ताह पहले उसके और चार-पांच अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पत्र में उसने दावा किया कि उसे दोनों मामलों में झूठा फंसाया गया है। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है।
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घर में घुसने पर मना करने पर खाया जहर
एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि बीते शनिवार को जब सूर्या गांधीनगर में मौजूद अपने घर लौटी तो आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार के सुरक्षाकर्मियों ने उसे घर में घुसने से मना कर दिया, जिससे आहत होकर उसने जहर खा लिया। इसके बाद उसे यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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आठ महीने से हत्या के आरोपी अपने दोस्त साथ रह रही थी सूर्या
बता दें कि तमिलनाडु के रहने वाले 2005 बैच आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार वर्तमान में गुजरात विद्युत नियामक आयोग (जीईआरसी) में सचिव के पद पर तैनात हैं। मामले में गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि तेजा वासमसेट्टी ने बताया कि सूर्या आठ महीने से तमिलनाडु में अपने दोस्त राजा के साथ रह रही थी। राजा हत्या का दोषी है।
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एक बच्चे के अपहरण मामले में थी मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक दोनों साथ मिलकर एक व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने राजा को गिरफ्तार कर लिया तो उनकी योजना फेल हो गई। जबकि सूर्या को हत्या के दोषी को शरण देने के लिए आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा, वह एक बच्चे के अपहरण मामले में मुख्य आरोपी थी और तमिलनाडु पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
गांधीनगर एसपी ने बताई सूर्या की पूरी कहानी
एसपी वासमसेट्टी ने कहा, व्यवसाय में हुए नुकसान को कवर करने और कानूनी खर्चों को पूरा करने के लिए, उसने अपनी संपत्ति लक्ष्मी नाम की एक महिला को बेच दी। इसके बाद वह बेंगलुरु चली गई और शेफ बनने के लिए एक कोर्स में दाखिला लिया। जब सूर्या ने लक्ष्मी से कोर्स की फीस भरने में मदद करने का आग्रह किया, तो उसने इनकार कर दिया और सूर्या से अपनी बची हुई संपत्ति बेचने को कहा। इसके बाद सूर्या ने कथित तौर पर मदुरै में लक्ष्मी के बेटे का अपहरण करवा दिया, जिसके लिए दो सप्ताह पहले उसके और चार-पांच अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पत्र में उसने दावा किया कि उसे दोनों मामलों में झूठा फंसाया गया है। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है।