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Job Interview: मां बनने के तीसरे दिन साक्षात्कार, हाईकोर्ट GPSC पर भड़का; लैंगिक असंवेदनशीलता पर लगाई फटकार

Mon, 15 Jan 2024 08:04 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 15 Jan 2024 08:04 PM IST
सार

गुजरात हाईकोर्ट ने  महिला अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई के दौरान लोक सेवा आयोग (GPSC) को फटकार लगाई। अदालत ने सहायक प्रबंधक पद के लिए आवेदन करने वाली महिला को मां बनने के केवल दो दिन बाद इंटरव्यू के लिए बुलाने को असंवेदनशील करार दिया।

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Gujarat High Court GPSC Pregnant Candidate Job Interview Justice Nikhil Kariel
गुजरात हाईकोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

गुजरात हाईकोर्ट ने एक महिला अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य के लोक सेवा आयोग (GPSC) को असंवेदनशील रवैया अपनाने के लिए फटकार लगाई है। रिपोर्ट के मुताबिक दो दिन पहले मां बनी महिला उम्मीदवार ने आयोग से साक्षात्कार के लिए मोहलत मांगी थी। हालांकि, आयोग ने अभ्यर्थी को मोहलत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट में जस्टिस निखिल कारियल की पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता की अपील को देखते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है। अदालत ने लोक सेवा आयोग से 12 जनवरी तक जवाब मांगा है। महिला ने वित्त विभाग में सहायक प्रबंधक पद के लिए आवेदन किया था। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल, GPSC साक्षात्कार के परिणाम घोषित नहीं कर सकता।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा, उम्मीदवार को साक्षात्कार का कोई विकल्प नहीं देना गुजरात लोक सेवा आयोग का 'पूर्ण लैंगिक असंवेदनशीलता' दिखाता है। हाईकोर्ट ने महिला  की याचिका पर बीते 9 जनवरी को आदेश पारित किया। जस्टिस कारियल ने कहा कि बच्चे को जन्म देना सबसे पवित्र प्राकृतिक प्रक्रिया में एक है। GPSC इसके प्रति असंवेदनशील है। इस पद पर भर्ती का विज्ञापन 2020 में आया था। 18 दिसंबर, 2023 को चयन परीक्षा आयोजित हुई। इसके बाद 1-2 जनवरी को साक्षात्कार के लिए सूचना भेजी गई।
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इंटरव्यू की जानकारी मिलने पर महिला अभ्यर्थी ने अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में GPSC को ई-मेल भेजा। महिला के मुताबिक उसने आयोग को बताया कि डॉक्टरों ने डिलिवरी के लिए जनवरी के पहले सप्ताह का टाइम दिया था। उसने प्रसूती का समय नजदीक होने के आधार पर 300 किमी दूर गांधीनगर में साक्षात्कार में पहुंच सकने में असमर्थता जाहिर करते हुए GPSC से  मोहलत मांगी। 31 दिसंबर को बच्चे का जन्म होने के बाद महिला ने एक बार फिर आयोग को ई-मेल भेजा। महिला ने साक्षात्कार स्थगित करने या वैकल्पिक बंदोबस्त करने की अपील भी की। हालांकि, उसे निराशा हाथ लगी और इंटरव्यू के लिए दो जनवरी को पेश होने को कहा गया। आयोग ने साफ किया कि इस तारीख के बाद दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि आवेदन के तीन साल बाद 8 दिसंबर, 2023 को लिखित परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। अदालत ने कहा, यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता मेधावी उम्मीदवार है। हालांकि, डिलीवरी के बाद तीसरे ही दिन साक्षात्कार में भाग लेने में वह शारीरिक रूप से सक्षम नहीं हो सकती। उम्मीदवार ने आयोग के समक्ष उचित अनुरोध किया और वैकल्पिक समाधान की गुहार लगाई। अदालत ने चयन प्रक्रिया की धीमी गति पर भी सवाल खड़े किए।
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