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Gujrat: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के पंचदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना, नववर्ष की दी शुभकामनाएं
Wed, 26 Oct 2022 09:27 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 26 Oct 2022 09:27 PM IST
सार
गुजरात के सीएम ने सभी नागरिकों की भलाई के लिए मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
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गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
- फोटो : twitter
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विस्तार
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को गुजराती नववर्ष के पहले दिन को चिह्नित करने के लिए गांधीनगर के पंचदेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान को नमस्कार किया और भगवान का आशीर्वाद लिया।
गुजरात के सभी नागरिकों की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पटेल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, गुजराती नववर्ष को बेस्टु वारस के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग देवी-देवताओं की पूजा करने के लिए मंदिर जाते हैं। त्योहार की सजावट में सजे लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और उन्हें नए साल की शुभकामनाएं देते हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है। गुजराती नववर्ष भी उत्तर भारत में गोवर्धन पूजा समारोह के पूरक है। गोवर्धन हर साल दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है। किंवदंतियों के अनुसार, भगवान कृष्ण ने उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर के लोगों को भारी बारिश से बचाने के लिए पहाड़ी की पूजा की थी।
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गुजरात के सभी नागरिकों की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पटेल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, गुजराती नववर्ष को बेस्टु वारस के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग देवी-देवताओं की पूजा करने के लिए मंदिर जाते हैं। त्योहार की सजावट में सजे लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और उन्हें नए साल की शुभकामनाएं देते हैं।
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उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है। गुजराती नववर्ष भी उत्तर भारत में गोवर्धन पूजा समारोह के पूरक है। गोवर्धन हर साल दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है। किंवदंतियों के अनुसार, भगवान कृष्ण ने उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर के लोगों को भारी बारिश से बचाने के लिए पहाड़ी की पूजा की थी।
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Gujarat CM Bhupendra Patel offers prayers at Gandhinagar's Panchdev Mandir to mark the first day of the Gujarati new year. pic.twitter.com/yqDlGRrd8b
— ANI (@ANI) October 26, 2022