गुजरात एटीएस: अल-कायदा से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार; ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े दस्तावेज मिले
गुजरात एटीएस ने अल-कायदा से जुड़े दहशतगर्दों को गिरफ्तार किया है। एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते ने एक्यूआईएस (जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा कहा जाता है) से जुड़े चार आतंकवादियों को अपनी गिरफ्त में लिया है। विस्तृत जानकारी और आगे की प्रक्रिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताई जाएगी।
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गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े होने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आतंकवाद निरोधी एजेंसी ने एक बयान में कहा, 'गुजरात एटीएस ने एक्यूआईएस से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।' एटीएस इस ऑपरेशन के बारे में आगे की जानकारी बाद में देगी। 2023 में शहर के विभिन्न हिस्सों से चार बांग्लादेशी नागरिकों को इसी आतंकी संगठन से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, गुजरात एटीएस ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा, दिल्ली और गुजरात में आतंकियों को हिरासत में लिया। दावा किया जा रहा है कि इनमें से एक की पहचान मेरठ के मूल निवासी के तौर पर हुई है। हालांकि, इसकी पुष्टि की प्रतीक्षा है। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के नाम मोहम्मद फरदीन, सैफुल्लाह, मोहम्मद फैक और जीशान अली हैं।
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों को इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर देश विरोधी और उकसाऊ पोस्ट मिलने के बाद इन पर नजर रखी जा रही थी। लंबे समय से की जा रही तकनीकी और फील्ड निगरानी के बाद एटीएस ने सटीक कार्रवाई करते हुए चारों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है। एक की गिरफ्तारी नोएडा से, एक दिल्ली से और दो की गुजरात से होना बताया गया है।
दो को 14 दिन की रिमांड पर भेजा गया
गुजरात एटीएस के मुताबिक, आतंकियों की पहचान अहमदाबाद निवासी फरदीन शेख, दिल्ली निवासी मोहम्मद फैक, नोएडा निवासी जीशान अली और मोडासा निवासी सैफुल्लाह कुरैशी के रूप में हुई है। एफआईआर में यूएपीए और बीएनएस की धाराएं लगाई गई हैं। दो को 14 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। दो अन्य को कल अदालत में पेश किया जाएगा।
अलकायदा की विचारधाराओं को बढ़ावा देने की साजिश
एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने कहा कि गुजरात एटीएस के डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को 10 जून को सूचना मिली कि पांच इंस्टाग्राम अकाउंट हैं, जो देश में अलकायदा की विचारधाराओं को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। वे धार्मिक आधार पर लोकतंत्र के खिलाफ, भारत के खिलाफ कंटेंट साझा कर रहे थे। इनपुट वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया गया। एक तकनीकी टीम का गठन किया गया। कुल चार आरोपियों की पहचान की गई। उनमें से फरदीन शेख अहमदाबाद निवासी है, मोहम्मद फैक दिल्ली निवासी है, जीशान अली नोएडा निवासी है और सैफुल्लाह कुरैशी मोडासा निवासी है। इन सभी पर नजर रखी गई।
पाकिस्तानी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के संपर्क में थे
उन्होंने आगे बताया कि यह पाया गया कि न केवल उनका सोशल मीडिया बल्कि उनकी गतिविधियां भी संदिग्ध हैं। एक बड़ी टीम का गठन किया गया था। ऑपरेशन के अंत में हम सभी चार संदिग्धों को गिरफ्तार करने में सफल रहे। हमने उनके फोन का बहुत सारा डेटा चेक किया। वे पूरे भारत में अलकायदा की बहुत सारी सामग्री प्रसारित कर रहे थे। मोहम्मद फैक कुछ पाकिस्तानी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के संपर्क में था, जिनसे उसे जिहादी गतिविधियों के लिए सामग्री मिलती थी। हमने यूएपीए की धारा 13, 18, 38, 39 और बीएनएस की धारा 113, 152, 196 और 68 के तहत एफआईआर दर्ज की है। सैफुल्लाह और फरदीन को आज कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। बाकी दो आरोपियों को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े दस्तावेज मिले
उन्होंने बताया कि हमें फरदीन के पास से ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। साथ ही उस समय ऑपरेशन सिंदूर पर उनकी ओर से किए गए पोस्ट भारत सरकार विरोधी, पाकिस्तान समर्थक और धार्मिक आधार पर भड़काऊ थे।