भाजपा का 'हार्दिक' प्रेम: चुनाव से पहले पाटीदार नेता पर लगे केस वापस लेगी गुजरात सरकार, कोर्ट ने दिखाई हरी झंडी
यह मामला 2017 से जुड़ा है। तब नगर पार्षद परेश पटेल ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल समेत 21 लोगों के खिलाफ तोड़फोड़, उपद्रव फैलाने का केस दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि हार्दिक और उनके समर्थक उनके घर के सामने जुटे, अंदर प्रवेश किया और परिसर में तोड़फोड़ की।
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गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का हार्दिक प्रेम बढ़ता ही जा रहा है। फिलहाल कांग्रेसी नेता हार्दिक पटेल को अहमदाबाद सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने गुजरात सरकार को पाटीदार नेता समेत अन्य 17 लोगों पर लगे केस वापस लेने की अनुमति दे दी है। दरअसल, राज्य सरकार की ओर से इन लोगों के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
उधर, हार्दिक पटेल ने इसे सत्य की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। हालांकि, विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हो रहे इन घटनाक्रमों ने कांग्रेस में हलचल बढ़ा दी है।
2017 में दर्ज किया गया था मामला
यह मामला 2017 से जुड़ा है। तब नगर पार्षद परेश पटेल ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल समेत 21 लोगों के खिलाफ तोड़फोड़, उपद्रव फैलाने का केस दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि हार्दिक और उनके समर्थक उनके घर के सामने जुटे, अंदर प्रवेश किया और परिसर में तोड़फोड़ की। सत्र न्यायालय ने अपने आदेश में एफआईआर में नामित सभी 21 आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया है। इससे पहले मेट्रोपॉलियन कोर्ट ने अप्रैल में सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार मामले को लेकर सत्र न्यायालय पहुंची थी।
बदल रहे हैं हार्दिक के सुर
हार्दिक पटेल के सुर पिछले कुछ दिनों से बदले हुए नजर आ रहे हैं। वह पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि, गुजरात कांग्रेस के स्थानीय नेता न खुद काम कर रहे हैं और न ही किसी और को काम करने दे रहे हैं। हालांकि, इससे पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ने की खबरों को खारिज किया था, उन्होंने कहा था कि उनकी नाराजगी हाईकमान से नहीं है। वह स्थानीय नेतृत्व से नाराज हैं। अब उन्होंने ट्विटर से कांग्रेस का चुनाव चिह्न- हाथ का पंजा और अपने पद का ब्योरा हटा लिया है।