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Amul: अमूल का चार वर्षो में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य, प्रबंधक बोले- तकनीक से डेयरी उद्योग में सुधार

Sat, 03 Dec 2022 10:26 PM IST
Jeet Kumar एएनआई, आणंद
एएनआई, आणंद Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 03 Dec 2022 10:26 PM IST
सार

अमूल प्रबंध निदेशक बोले हम गायों के लिए होम्योपैथी दवाओं और आयुर्वेदिक दवाओं पर काम कर रहे हैं क्योंकि यह गायों के एलोपैथिक उपचार की तुलना में बहुत ही किफायती है।

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gujarat, Amul aims to double farmers income in next four years
अमूल डेयरी के प्रबंध निदेशक अमित व्यास - फोटो : ANI

विस्तार

जब भी कभी गुजरात के आणंद की बात होती है, सबसे पहले वहां स्थित अमूल कंपनी की होती है। अमूल ने आणंद को एक अलग पहचान दी है। वहीं आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) का लक्ष्य अगले चार वर्षों में डेयरी उद्योग से जुड़े किसानों की आय को दोगुना करना है। साथ ही उद्योग को आनुवंशिक रूप से बेहतर बनाने पर जोर दिया जा है।

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अमूल डेयरी के प्रबंध निदेशक अमित व्यास ने कहा कि वे पशु सीमेन, भ्रूण प्रत्यारोपण आदि में तकनीकों को लागू करके डेयरी गाय और भैंस की नस्लों में सुधार कर रहे हैं। जिससे उद्योग को काफी फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकीनीक के साथ डेयरी में आनुवंशिकी पर ध्यान दिया जा रहा हैं और जिससे भविष्य में गोवंश उच्च आनुवंशिकी के होंगे और इससे अधिक दूध उत्पादन में मदद मिलेगी और इससे किसानों के जीवन की गुणवत्ता में सीधे सुधार होगा। 
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आगे व्यास ने कहा कि औसत गाय प्रतिदिन 7-8 लीटर दूध देती है और इसमें चार लीटर से अधिक का इजाफा हुआ है। हमारा मूल विचार किसानों के लिए दूध की उत्पादन लागत को कम करना है। पहले किसान अधिक उत्पादन करने के लिए गायों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते थे। लेकिन हमने उनसे ज्यादा गाय पालने पर जोर देने के बजाय उच्च नस्ल की गायों और नई तकनीकों को अपनाकर पांच गायों से 10 गायों के बराबर दूध का उत्पादन करने के लिए कहा है और किसान इसे अपना भी रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अमूल कंपनी में तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। तकनीक के माध्यम से सीमेन से लेकर  जानवरों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है और उन पर अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही कहा कि हम गायों के लिए होम्योपैथी दवाओं और आयुर्वेदिक दवाओं पर काम कर रहे हैं क्योंकि यह गायों के एलोपैथिक उपचार की तुलना में बहुत ही किफायती है।


आज अमूल प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ लीटर दूध का प्रबंधन करता है
किसानों की आय कैसे बढ़ाई जाए इस पर व्यास ने कहा कि किसानों की आय केवल खर्चों में कटौती करके या कम लागत में तकनीक देकर ही बढ़ाई जा सकती है। गुजरात की जीडीपी का 20-25 फीसदी हिस्सा कृषि क्षेत्र से आता है और डेयरी क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंन बताया कि 1946 में अमूल ने पहले दिन 247 लीटर दूध के साथ शुरुआत की थी। आज अमूल प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ लीटर दूध का प्रबंधन करता है। 

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