छोटा कद-बड़ा हौसला: गुजरात के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बने तीन फीट के गणेश बरैया, बाधाओं को पार कर मिला मुकाम
Gujarat: केवल तीन फीट के कद वाले गणेश बरैया अब गुजरात के भावनगर में डॉक्टर बन गए हैं। लेकिन डॉक्टर बनने तक का उनका सफर आसान नहीं रहा है। एमबीबीएस में प्रवेश पाने के लिए उन्हें शीर्ष अदालत तक पहुंचना पड़ा था।
विस्तार
गुजरात के भावनगर में गणेश बरैया अब डॉक्टर बन गए हैं। उनकी लंबाई केवल तीन फीट है। डॉक्टर गणेश के छोटे कद और बड़े हौसले जो भी देखता है, दांतो तले उंगली दबा लेता है। लेकिन उनके लिए इस मुकाम तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। उनके डॉक्टर बनने तक के सफर की कहानी सभी के लिए प्रेरणादायी है।
भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने कुछ साल पहले छोटे कद की वजह से डॉक्टर गणेश को एमबीबीएस करने के लिए अयोग्य करार दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने स्कूल के प्रिंसिपल, जिला कलेक्टर और राज्य के शिक्षा मंत्री से संपर्क किया। फिर गुजरात उच्च न्यायालय का रुख किया। लेकिन उच्च न्यायालय में मुकदमा हार गए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और शीर्ष अधालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद साल 2019 में उन्होंने मुकदमा जीता। फिर 2019 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया और अब पढ़ाई पूरी करने के बाद वह भावनगर में सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं।
#WATCH | Gujarat: 3-foot tall Ganesh Baraiya defies the odds, becomes a doctor at Bhavnagar Government hospital (06/03) pic.twitter.com/37op1R2X1t
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 6, 2024
अपने शुरुआती संघर्ष के बारे में बात करते हुए डॉक्टर गणेश ने बताया, जब मैंने बारहवीं कक्षा पास की और एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए एनईईटी परीक्षा उत्तीर्ण की और फॉर्म भरा तो एमसीआई ने मुझे मेरे छोटे कद के कारण खारिज कर दिया। उन्होंने (एमसीआई) कहा कि मैं अपनी कम लंबाई के कारण आपातकालीन मामलों को संभालने में सक्षम नहीं हो पाऊंगा। फिर मैंने नीलकंठ विद्यापीठ के प्रिंसिपल डॉ. दलपथ भाई कटारिया और रेवाशीष सर्वेया से इस बारे में चर्चा की और उनसे पूछा कि हम आगे क्या कर सकते हैं। उन्होंने मुझे भावनगर कलेक्टर और गुजरात के शिक्षा मंत्री से मिलने को कहा। भावनगर कलेक्टर के कहने पर हमने मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने का फैसला किया। हमारे साथ दो अन्य अभ्यर्थी थे जो दिव्यांग थे। लेकिन उच्च न्यायालय में हम मामले को हार गए। फिर हमने शीर्ष अदालत में जाने का फैसला किया।
#WATCH | Dr Ganesh Baraiya says, " The committee of Medical Council of India had rejected me saying that my height is 3 feet and I won't be able to handle emergency cases...with the direction of Bhavnagar collector, I went to Gujarat HC...after 2 months, we lost the case...we… https://t.co/ALEjkaaZsk pic.twitter.com/zjMfZQE7pz
— ANI (@ANI) March 6, 2024
उन्होंने कहा, शीर्ष अदालत 2018 में फैसला सुनाया कि मुझे एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिल सकता है। चूंकि तब तक 2018 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा हो चुका था, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मुझे 2019 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। फिर मैंने भावनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया।