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Shashi Tharoor: 'पनीर-बटर मसाला खाने वालों GST का ध्यान रखना' शशि थरूर ने ट्वीट कर कुछ इस तरह लिए मजे
Thu, 21 Jul 2022 09:00 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 21 Jul 2022 09:00 AM IST
सार
लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि अलग-अलग पैकेज्ड फूड आइटम पर तो जीएसटी भर देंगे लेकिन पनीर बटर मसाला की सब्जी बनानी हो तब क्या करेंगे? इस डिश की कुल जीएसटी(Total GST) क्या होगी?
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शशि थरूर (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
विस्तार
दही, पनीर आदि जैसे पैकेज्ड दैनिक उपयोग की खाद्य वस्तुओं पर पांच फीसदी से अधिक जीएसटी के बीच 'पनीर बटर मसाला' सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से ट्रेंड करने लगा। लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि अलग-अलग पैकेज्ड फूड आइटम पर तो जीएसटी भर देंगे लेकिन पनीर बटर मसाला की सब्जी बनानी हो तब क्या करेंगे? इस डिश की कुल जीएसटी(Total GST) क्या होगी? वहीं अब इस मामले में कांग्रेस नेता शशि थरूर भी कूद गए। उन्होंने भी इसे ट्वीट किया और कहा कि व्हाट्सएप फॉरवर्ड शानदार है क्योंकि यह 'जीएसटी' लगाने की मूर्खता को दर्शाता है।
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तो पनीर बटर मसाला पर कुल जीएसटी कितनी
आइए जानते हैं पनीर बटर मसाला क्यों ट्रेंड कर रहा था? केंद्र ने हाल ही में दैनिक उपयोग के पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया है। इसके तहत पैकेज्ड पनीर, दही, बटर और मसाला आया है। जैसे-जैसे जीएसटी पर सियासी उठापटक जारी रही, सोशल मीडिया यूजर्स ने इस गणित की समस्या को हल करने के लिए प्रतिक्रिया देते दिखे। यूजर ने पूछा कि यदि पनीर पर जीएसटी 5% है, मक्खन 12% है और मसाला 5% है, तो पनीर मक्खन पर जीएसटी क्या होगा मसाला? यानी कुल 22 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होगा।
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कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
वहीं कांग्रेस ने बुधवार को एक बयान जारी कर सरकार को 5% जीएसटी के लिए फटकार लगाई और कहा कि निर्णय एकमत नहीं था और राज्य के वित्त मंत्रियों के साथ कोई चर्चा नहीं हुई थी। कांग्रेस ने कहा कि गरीब उपभोक्ताओं को पहले से पैक और लेबल वाले सामान खरीदने की इच्छा क्यों नहीं रखनी चाहिए? मोदी सरकार स्वच्छता से पैक किए गए सामान खरीदने की आकांक्षा और इच्छा को दंडित कर रही है। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या इन उत्पादों के उत्पादकों और विक्रेताओं की ओर से जीएसटी लगाने की कोई मांग है।