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सुप्रीम कोर्ट ने कहा: जीएसटी परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्य के लिए बाध्यकारी नहीं  

Thu, 19 May 2022 06:26 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 19 May 2022 06:26 PM IST
सार

पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 246ए के अनुसार, संसद और राज्य विधायिका दोनों को कराधान के मामलों पर कानून बनाने की समान शक्ति है।

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GST council recommendations not binding on Centre, States but have persuasive value: SC
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि जीएसटी परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्य के लिए बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन इसकी एक प्रेरक भूमिका हैं क्योंकि देश में एक सहकारी संघीय संरचना है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, सूर्य कांत और विक्रम नाथ की पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के पास जीएसटी पर कानून बनाने की शक्तियां हैं, लेकिन परिषद को एक व्यावहारिक समाधान के लिए सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए। पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 246ए के अनुसार, संसद और राज्य विधायिका दोनों को कराधान के मामलों पर कानून बनाने की समान शक्ति है।

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अनुच्छेद 246ए केंद्र और राज्य को समान मानता है और संविधान का अनुच्छेद 279 कहता है कि केंद्र और राज्य एक-दूसरे से स्वतंत्र होकर कार्य नहीं कर सकते। शीर्ष अदालत ने कहा कि जीएसटी परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक चर्चा का एक उत्पाद हैं और यह जरूरी नहीं है कि संघीय इकाइयों में से एक के पास अधिक हिस्सेदारी हो। पीठ ने कहा कि भारतीय संघवाद सहकारी और असहयोगी संघवाद के बीच एक संवाद है और केंद्र और राज्य हमेशा बातचीत में शामिल रहते हैं।  
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शीर्ष अदालत का फैसला कई याचिकाओं पर आया और इसने रिवर्स चार्ज के तहत समुद्री माल पर आयातकों पर एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) को रद्द करने के गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा। उच्च न्यायालय ने माना था कि भारत के बाहर किसी स्थान से सीमा शुल्क स्टेशन तक एक जहाज द्वारा माल परिवहन के माध्यम से गैर-कर योग्य क्षेत्र में स्थित एक व्यक्ति द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के लिए समुद्री माल पर आईजीएसटी के तहत कोई कर नहीं लगाया जा सकता है।  

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