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ड्रैगन की हरकतों पर नजर रखने में 'रुक्मिणी' कर रही नौसेना की मदद

Wed, 05 Jul 2017 01:59 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Wed, 05 Jul 2017 01:59 PM IST
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gsat 7 satellite Rukmini keeps eye on china, helps indian navy to monitor Indian Ocean Region

भारत और चीन के सीमा विवाद के बीच चीन ने पिछले बीते दिनों हिंद महासागर में अपनी हरकतें बढ़ा दी हैं। ड्रैगन की हरकतों पर भारतीय नौसेना बारीकी से नजर बनाए हुए है और इसके लिए जीसैट-7 का इस्तेमाल कर रही है, जिसे भारत ने 29 सितंबर 2013 को लॉन्च किया था। 

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अंतरिक्ष में भेजे गए इस 2,625 किग्रा के इस उपग्रह का नाम रुक्मणि है, जो भारतीय नौसेना को हिंद महासागर में निगरानी रखने में मदद करता है। मल्टीब्रांड सर्विलांस उपग्रह रुक्मणि जियो स्टेशनरी कक्षा में स्थापित है, जो नेवल जंगी जहाज, पनडुब्बी और लड़ाकू विमान की रियल टाइम जानकारी प्रदान करती है। 
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हालांकि रुक्मणि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों में एक साथ निगरानी का काम नहीं कर सकता है। यह उपग्रह लो रेंज की आवाज से लेकर हाई रेंज के डाटा कम्युनिकेशन के स्पेक्ट्रम पर नजर बनाए रखता है। नौसेना के साथ-साथ यह थल सेना को भी सीमा पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी देता है। 
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जीसैट-7 के लॉन्च होने से पहले भारतीय नौसेना जंगी जहाजों के संपर्क साधने के लिए 'इनमारसैट' का इस्तेमाल करती थी। यह सैटेलाइट ग्लोबल मोबाइल सैटेलाइट कम्युनिकेशन प्रदान करता था। देशी उपग्रह के लॉन्च होने के कारण भारतीय सेना की विदेशी उपग्रहों पर निर्भरता कम हुई है।

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