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#MeToo के बाद अब चलेगा #ManToo अभियान, पुरुष करेंगे बड़े खुलासे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Mon, 22 Oct 2018 11:36 AM IST
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#Mantoo अभियान
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देश में चल रहे मीटू अभियान के तहत महिलाओं ने अपने साथ होने वाले शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। जिसमें बहुत से प्रसिद्ध लोगों के नाम भी सामने आए। लेकिन क्या शोषण केवल महिलाओं के साथ ही होता है? पुरुषों की मानें तो शोषण का सामना उन्हें भी करना पड़ता है। अब मीटू की तर्ज पर 15 लोगों के एक समूह मैनटू आंदोलन की शुरुआत की है।
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समूह ने पुरुषों से कहा है कि वह महिलाओं के हाथों हुए यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं। समूह में फ्रांस के पूर्व राजनयिक भी शामिल हैं। जिन्हें साल 2017 में मीटू के एक मामले में अदालत ने बरी कर दिया था। अब मैनटू की शुरुआत शनिवार को एक गैर सरकारी संगठन चिल्ड्रन राइट्स इनिशिएटिव फॉर शेयर्ड पेरेंटिंग (क्रिप्स) ने की है।
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संगठन के अध्यक्ष कुमार वी का कहना है कि मीटू अभियान तो ठीक है लेकिन इसका दुरुपयोग भी किया जा रहा है। झूठे मामलों में लोगों को फंसाया जा रहा है। जो भी इसका गलत उपयोग कर रहा है उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका समूह लैंगिक तटस्थ कानूनों के लिए लड़ेगा।
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उन्होंने आगे कहा कि कई व्यक्तियों ने समाज में बड़ी मेहनत से इज्जत कमाई थी जिसे इस आंदोलन ने पल भर में खत्म कर दिया। महिलाएं सालों पहले हुए शोषण के खिलाफ तो बोल रही हैं लेकिन अब मैनटू आंदोलन में भी हाल की ही घटनाओं को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के साथ शोषण हुआ है तो वह कार्रवाई क्यों नहीं करतीं। सोशल मीडिया पर घटना के बारे में क्यों बताती हैं।
वहां मौजूद फ्रांस के पूर्व राजनयिक पास्कल मजूरियर भी मौजूद थे। उनपर आरोप था कि उन्होंने अपनी बेटी का यौन शोषण किया है। लेकिन अदालत ने साल 2017 में उन्हें बरी कर दिया। मजूरियर का कहना है कि पुरुष खुद के खिलाफ महिलाओं द्वारा हो रहे शोषण पर कुछ नहीं बोलते। लेकिन यह समूह अब पुरुषों की समस्याओं को भी हल करेगा।