फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ground Report: Triangular fight between BJP's Murugan, AIADMK's Lokesh and DMK's Raja in Tamil Nadu

Ground Report: तमिलनाडु में भाजपा के मुरुगन, अन्नाद्रमुक के लोकेश और द्रमुक के राजा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला

Tue, 16 Apr 2024 05:40 AM IST
निर्मल कांत अंकित शुक्ला, अमर उजाला
अंकित शुक्ला, अमर उजाला Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 16 Apr 2024 05:40 AM IST
सार

Tamil Nadu: राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पहाड़ों पर फैली बडगा जनजाति हिंदुत्व पर टिप्पणी से नाराज है। उनके वोट हमेशा द्रमुक-अन्नाद्रमुक में बंटते थे, पर वे इस बार भाजपा को वोट करेंगे। पार्टी ने उनके बीच काफी काम किया है। नीलगिरी तमिलनाडु का सबसे बड़ा जनजातीय क्षेत्र है।

विज्ञापन
Ground Report: Triangular fight between BJP's Murugan, AIADMK's Lokesh and DMK's Raja in Tamil Nadu
द्रमुक नेता ए राजा, भाजपा नेता एल मुरुगन और अन्नाद्रमुक नेता डी लोकेश (फाइल फोटो) - फोटो : एनआई / चुनाव आयोग शपथ पत्र

विस्तार

नीलगिरि की खूबसूरत पहाड़ियां। इन पहाड़ों की रानी ऊटी। नाम अब उदगमंडलम। नीलगिरि लोकसभा के तहत आने वाली छह विधानसभाओं में एक। जैसे पहाड़ों में किंवदंतियां प्रचलित होती है, यहां भी हैं। यहां की खूबसूरती और कहानियां वर्षों से लोगों को आकर्षित कर रही हैं। औपनिवेशिक काल में विदेशी इन्हें खोजने निकलते थे। 1792-1823 में फ्रांसीसी लेखक अब्बे डुबोइस ने अपनी पुस्तक ‘हिंदू शिष्टाचार, रीति-रिवाज और समारोह’ में लिखा, माना जाता है कि इस खूबसूरत पर्वत शृंखला की चोटी तक पहुंचना कठिन था, इसलिए इसकी झलक मात्र ही पाप का बोझ उतारने के लिए काफी है। ब्रिटिश अफसर जॉन सुलिवन वर्ष 1819 में इसका पता लगाने निकले, तो मजदूरों ने इसे देवताओं का क्षेत्र कहते हुए जाने से इन्कार कर दिया। बाद में अभियान आगे बढ़ा और विकास भी। 1850 में ब्रिटिश अफसरों ने ही यहां के प्राकृतिक पेड़-पौधों को बदल कर यूकेलिप्टस (नीलगिरि) की कई प्रजातियां लगाई और यहां का व्यावसायिक दोहन शुरू कर दिया।

विज्ञापन

यह कहानी इसलिए महत्वपूर्ण है कि इन पहाड़ों की खूबसूरती से प्रभावित पर्यटकों की संख्या अब प्रति वर्ष 40 से 45 लाख हो गई है और इसलिए भी कि सुलिवन का खड़ा किया ढांचा तमाम बदलावों के बावजूद अब भीड़ का भार झेलने में सक्षम नहीं रहा। पर, ब्रिटिशकाल में शुरू व्यवसायीकरण अब चरम पर है। दुख की बात यह है कि आजादी के बाद यहां बेतरतीब दुकानें, मकान तो खूब बने, पर बुनियादी ढांचे को खास विकसित नहीं किया गया। यही यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है और सबसे बड़ा दर्द भी। इस दर्द पर नजर भी चुनावों के दौरान ही जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रैफिक जाम के चलते ऊटी की सड़कें पैदल नापना शुरू किया, तो गाड़ी वालों को बहस करते, स्थानीय लोगों को रास्ता खुलवाते देखा। सड़क किनारे होटल के मालिक सुब्रह्मणियम से पूछा तो बोले- सालभर का रोना है। इतनी भीड़ में लोग भागने के चक्कर में रहते हैं। खुदरा दुकानदारी क्या होगी। अगले विधानसभा क्षेत्र कून्नूर में इतनी भीड़ तो नहीं थी, पर अव्यवस्था उतनी ही। बेकरी चलाने वाले नाम्बियार से पूछा तो भभक पड़े- वर्षों पहले तैयार जल निकासी, पानी आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं खुद पानी मांग रही हैं। सालभर पीने के पानी का संकट रहता है। पर न राज्य सरकार कुछ करती है और न हमारे सांसद। ऊपर से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। केंद्र में सरकार है, तो सांसद भी उन्हीं का होना चाहिए। बता दें कि द्रमुक के मुखिया स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने हाल में सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी। फिर राजा ने कहा, भारत राष्ट्र नहीं, उपमहाद्वीप है। तमिलनाडु जय श्रीराम और भारत माता की जय के सिद्धांत पर यकीन नहीं करेगा। इस बयान से हिंदुओं में नाराजगी है।

विज्ञापन

दलों को तौल रहे मतदाता
कून्नूर में ऑटो ड्राइवर मुत्थू कहते हैं, राजा ने फुटपाथ बनवाए, ड्रेनेज पर काम किया, पाइप डलवाए, वोट उन्हें ही जाएगा। मुत्थू ने हालांकि कहा कि भाजपा भी अच्छा लड़ रही है। अन्नाद्रमुक के बारे में पूछने पर बोले-नो चांस...। सड़क के दूसरी ओर खड़े आनंदन, रहमान, सुजिर समेत कुछ टैक्सी वाले बोले कि वे वोट अम्मा की पार्टी को ही देंगे। विधानसभा द्रमुक को जिताई, अब अन्नाद्रमुक का नंबर है। यही यहां का रिवाज है। राजा ने जो काम कराया, वह ऊंट के मुंह में जीरा है। राज्य में उनकी पार्टी है, चाहें तो बड़ा पैकेज दिलवा सकते थे।

इन पहाड़ों पर पत्रकारिता कर चुके टी जोसफ ने कहा-लंबे समय बाद चुनाव मुद्दों पर हो रहा है। लेकिन, हिंदुत्व पर भी बहस छिड़ गई है। ऐसा खुद डीएमके ने करवाया है। ध्रुवीकरण की कोशिश है।

गुडालूर विधानसभा में अन्नाद्रमुक के टाउन सेक्रेटरी अनूप खान कहते हैं, डीएमके उपद्रवी दल है। एमजीआर अम्मा की पार्टी सर्वधर्म समभाव पर चलती है। उन्होंने पार्टी ऑफिस का पूजा स्थल दिखाया, जिसमें एक ही चित्र में गणेशजी, ईसा मसीह और काबा को दर्शाया गया है। चर्चा के बीच पार्टी पदाधिकारी नारायणन ने दबी जुबां में कहा, भाजपा टक्कर दे रही है।

कोयंबटूर जिले के मेट्टुप्पलायम में मिलीजुली आबादी है। यहां विधानसभा में अन्नाद्रमुक जीती थी। मोटर पार्ट्स के व्यवसायी मारुथि ने कहा कि अन्नाद्रमुक का वोट तो है, लेकिन इनका वोट बिखरेगा भी। पार्टी में भीतरी लड़ाई के चलते कैडर असमंजस में है। द्रमुक भी डोरे डाल रही है और भाजपा भी।

बडगा जनजाति डालेगी बड़ा असर
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पहाड़ों पर फैली बडगा जनजाति हिंदुत्व पर टिप्पणी से नाराज है। उनके वोट हमेशा द्रमुक-अन्नाद्रमुक में बंटते थे, पर वे इस बार भाजपा को वोट करेंगे। पार्टी ने उनके बीच काफी काम किया है। नीलगिरी तमिलनाडु का सबसे बड़ा जनजातीय क्षेत्र है। यहां बडगा के अलावा कोटा, इरुला, कुरुंबा, कुट्टुनायकन, पनिया और टोडा जैसी जनजातियां पिछड़ा जीवन जी रही हैं। जंगल कटने से इनके लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। इनके पास न तो पर्याप्त परिवहन के साधन हैं और न ही रोजगार। इसलिए तमाम आपसी विरोध के बावजूद यह खासकर बडगा अलग चयन कर सकते हैं।

नीलगिरी : पिछले दो चुनावों के हाल
2019
उम्मीदवार             दल         मत            मत%
ए. राजा               द्रमुक       5.47 लाख   54.18
एम. थियागराजन अन्नाद्रमुक   3.42 लाख   43.50

2014
उम्मीदवार               दल             मत              मत%
सी. गोपालकृष्णन अन्नाद्रमुक      4.63 लाख       49.67
ए. राजा                  द्रमुक         3.58 लाख      38.43

श्रीलंकाई प्रवासी द्रमुक के साथ
तमिलनाडु के सबसे बड़े कांग्रेस लीडर के कामराज श्रीलंकाई प्रवासी थे, जिनका परिवार ब्रिटिशकाल में ही गुडालूर के पास स्थित ऑचटरलोनी घाटी में बसा था। यहां आज भी इनकी मूर्ति व फोटो सार्वजनिक स्थानों पर देखे जा सकते हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में इस समय 40 हजार से ज्यादा श्रीलंकाई प्रवासी रह रहे हैं। कांग्रेस के पतन के बाद से वे सत्ताधारी द्रविड़ पार्टी को ही वोट देते आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed