अमर उजाला एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित हुईं देश की 16 शख्सियतें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को दिल्ली में होटल ताज पैलेस में मीडिया की अहमियत बताई। प्रभु स्कोडा प्रजेंट्स अमर उजाला एक्सीलेंस अवार्ड-2104 नामक आयोजन में बोल रहे थे।
समारोह में चार नामचीन हस्तियों को लाइफ टाइम एक्सीलेंस अवार्ड के साथ अपने-अपने क्षेत्र की कुल 16 हस्तियों को पुरस्कृत किया गया। लाइफ टाइम अवार्ड पाने वाले लोगों में फिल्मकार सुभाष घई, कथक नृत्यांगना शोवना नारायण, पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट व चिकित्सक डॉ. राजीव अग्रवाल शामिल थे।
कार्यक्रम में अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल व मानव संसाधन एवं जलसंसाधन राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह भी मौजूद रहे।
इन्हें मिला अवार्ड
| अवार्ड कैटेगरी | अवार्ड प्राप्तकर्ता |
| सोशल वर्क | श्रीमान एस.के गर्ग |
| बिजनेस इनोवेशन | श्रीमान वरुण कुमार तिवारी |
| प्रोफेशनल एजुकेशन | श्रीमान आशीष सिन्हा |
| बिजनेस एक्सीलेंस | श्रीमान देवेंद्र कुमार अग्रवाल |
| एनवायरमेंटल केयर | श्रीमान पवन अग्रवाल |
| एन्टरप्रीन्यूरल एक्सीलेंस | श्रीमान अभिषेक अग्रवाल |
| ट्रैवल एंड हॉस्पिटेलिटी | श्रीमान मंजुल गुप्ता |
| रूरल हेल्थकेयर | डॉ. मोहम्मद असलम खान |
| इंटरनेशनल बिजनेस एंड एक्सपोर्ट | श्रीमान समीर ढिंगरा |
| एक्सीलेंस इन डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग | श्रीमान अमित गुप्ता |
| एकेडमिक एक्सीलेंस | श्रीमान अभिषेक तिवारी |
| एक्सीलेंस इन फैमिली रन बिजनेस | श्रीमान अरुण कुमार गुप्ता |
| एक्सीलेंस इन रुरल वेल्फेयर | श्रीमान अजय वीर जाखर |
| लाइफटाइम एक्सीलेंस | डॉ. राजीव अग्रवाल |
| लाइफटाइम एक्सीलेंस | श्रीमती शोवना नारायण |
| लाइफटाइम एक्सीलेंस | श्रीमान सुभाष घई |
| लाइफटाइम एक्सीलेंस | श्रीमान चंडी प्रसाद भट्ट |
पढ़ेंः अमर उजाला एक्सीलेंस अवार्ड 2017: विकास में योगदान देने वाले होंगे सम्मानित
'वैचारिक विमर्शों से मीडिया समाज को अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाता है'
भारत जैसे देश में इसका अहम माध्यम मीडिया है। दूसरी तरफ सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम भी मीडिया ही करता है। वैचारिक विमर्शों से मीडिया समाज को अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाता है।
अमर उजाला ने अपनी इन दोनों ही जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। प्रकृति में तो अंधेरे-उजाले का चक्र चलता रहा है, लेकिन अमर उजाला की तरफ से फैलाया गया उजाला स्थायी है। इसका उजाला हमेशा बना रहेगा। प्रभु ने कहा कि अमर उजाला की तरह ही हमारा मंत्रालया देश के औद्योगीकरण में भी स्थायित्व व निरंतरता लाएगा।
...जब असम में अमर उजाला पढ़कर खुश हुये थे बाजपेयी जी
बहुत ढूढ़ा वहां पर, लेकिन कोई अखबार ही नहीं मिला। फिर हमने एक सांसद से नई दिल्ली से अखबार मंगवाया। हवाई जहाज से एक अखबार भेजा गया। वह अमर उजाला ही था।
सुबह के नाश्ते पर जब बाजपेयी को अखबार दिया गया तो वह बेहद खुश हुये। उन्होंने कहा कि तुमने तो हमारे नाश्ते में स्वाद भर दिया। यह इसके बावजूद था कि अखबार तीन दिन पुराना था।
अमर उजाला एक्सेलेंस अवार्ड-2017 के दौरान केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने संस्थान के साथ जुड़ी हुयी अपनी यादें साझा की। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में अमर उजाला का बेहतरीन मुकाम हासिल किया है। एक शायरी सुनाते हुये नकवी ने कहा कि सितारों के आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।
वहीं, सुरेश प्रभु ने कहा कि नकवी जी, अनुप्रिया जी और सतपाल जी का आना समझ में आता है। लेकिन मुझे यह समझ में ही नहीं आ रहा था कि अवार्ड समारोह में शामिल होने का न्योता क्यों मिला।
अभी रास्ते में भी यही सोच रहा था। तो हमें लगा कि जैसे अमर उजाला देश व समाज में फैले अंधेरे को स्थायी तौर पर दूर कर रहा है, उसी तरह शायद मेजवानों की मंशा है कि मैं भी कामर्स मंत्रालय से अंधेरा दूर करूं। औद्योगिक विकास में निरंतरता भी रहे और स्थायित्व भी आये। उन्होंने वायदा किया कि वह इसे पूरा करके दिखायेंगे।
दूसरी तरफ अनुप्रिया पटेल व सतपाल सिंह ने अवार्ड के सहारे समाजिक सरोकारों से जुड़ी हस्तियों को पहचान दिलाने की मुहिम की तारीफ की। सतपाल सिंह ने अमर उजाल की तुलना असतो मा सदगमय, तमसो मा ’योतिर्गमय, मृत्योर्मामृतम् गमय, नामक महशूर वैदिक श्लोक से की।
'अमर उजाला पत्रकारिता के क्षेत्र का हस्ताक्षर है'
इस पैमाने पर अमर उजाला ने विकास के साथ विश्वास भी हासिल किया है। वहीं, अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अवॉर्ड कायक्रम में देश भर के हीरों को तराशकर लाया गया है।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को आगे बढ़ाने की ही मुहिम है, जिसमें वह समाज के अंदर जमीनी स्तर पर काम करने वाले हीरों को पहचान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। सतपाल सिंह ने कहा कि करोडों साल पहले भारतीय धरा से आवाज निकली थी कि असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से मोक्ष की ओर ले चलो।
आज जो भी यह काम कर रहे हैं, वह आदर के योग्य है। अमर उजाला इस दिशा में मजबूती से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज यह बहुत जरूरी है कि समाज का भरोसा पत्रकारिता में बढ़े।