फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Grand alliance in bihar hits speed breaker no consensus on seats sharing up sp bsp alliance

यूपी में सपा-बसपा की हुई डील, बिहार के महागठबंधन में सीट बंटवारे पर फंसा पेंच

Sun, 13 Jan 2019 09:18 AM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shani Mishra Updated Sun, 13 Jan 2019 09:18 AM IST
विज्ञापन
Grand alliance in bihar hits speed breaker no consensus on seats sharing up sp bsp alliance
Mahagathbandhan - फोटो : self

लोकसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू होते ही सियासी सरगर्मियां भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश में जहां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन हो गया है वहीं पड़ोसी राज्य बिहार के महागठबंधन में अब भी सीटों को लेकर रार जारी है। बिहार में आठ दलों के महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मंथन का दौर जारी है। राजद के नेता तेजस्वी यादव चाहते हैं कि जनवरी के अंत तक बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों का बंटवारा हो जाए। 

विज्ञापन


गौरतलब है कि दूसरी तरफ एनडीए में पहली ही सीटों का बंटवारा हो चुका है। इसके तहत नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा 17-17 सीटों पर जबकि रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 
विज्ञापन


महागठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और सन ऑफ मल्लाह कहलाने वाले मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) की एंट्री ने सीटों के पेंच को फंसा दिया है। साथ ही सीपीआई ने भी महागठबंधन का हिस्सा बनने की घोषणा करके कुछ सीटों की मांग की है। लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) क अध्यक्ष शरद यादव भी जदयू से निलंबित किए जाने के बाद उनके साथ कड़े रहने वाले नेताओं के लिए सीट चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस पार्टी ने 12 सीट तो वहीं सीपीआई और साहनी की पार्टी ने तीन-तीन सीटों की मांग की है। सीपीआई माले, रालोसपा और जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (एचएएम) की मांग चार सीटों की है। सभी दल आरजेडी के लिए सिर्फ 14 सीटें छोड़ रहे हैं।

कई सीटों पर फंस सकता है पेंच 

पिछले लोकसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। राजद ने अपने कोटे की 27 में से चार तो कांग्रेस ने 13 सीटों में से केवल दो पर जीत हासिल की थी। राजद इस बार भी 27 या उससे भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। राजद की मानें तो उनका वोट शेयर महागठबंधन के बाकी दलों से ज्यादा है।

सीटों को लेकर विवाद की स्थिति भी बनती दिख रही है। रालोसपा और राजद के बीच जहानाबाद सीट को लेकर बातचीत जारी है। यहीं नहीं दरभंगा लोकसभा सीट के लिए भी तीन दावेदार है-  राजद के अब्दुल बारी सिद्दकी, कांग्रेस के टिकट पर कीर्ति आजाद और वीआईपी के मुकेश साहनी। यही हाल सीतामढ़ी को लेकर भी देखने को मिल रहा है। 

केवल सीट शेयरिंग ही नहीं है समस्या

कांग्रेस जहां सीट बंटवारे को लेकर फरवरी के पहले हफ्ते में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के होने वाली रैली को देखते हुए इंतजार कर रही है। वहीं आपसी बयानबाजी का दौर भी जारी है।
राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि गठबंधन के सभी दलों को एक ही कॉमन एजेंडा के तहत एक ही चुनाव चिन्ह पर लड़ना चाहिए। उनके बयान पर जीतन राम मांझी ने कहा कि हम उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। बता दें कि मांझी ने हाल ही में रिम्स में लालू यादव से मुलाकात की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed