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मनी लांन्ड्रिंग मामलों की जांच में देरी से सरकार चिंतित
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 30 Apr 2016 09:42 PM IST
सार
- जांच में तेजी लाने के लिए मामलों की प्राथमिकता तय करने का दिया निर्देश
- राजस्व सचिव बोले, ज्यादा समय तक जांच खुली रखना अच्छी बात नहीं
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विस्तार
मनी लांन्ड्रिंग (कालाधन) से जुड़े मामलों की जांच में हो रहे अधिक विलंब पर चिंता जताते हुए सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को काम में तेजी लाने को कहा है। इसके लिए मामलों की प्राथमिकता तय करने को भी कहा गया है।
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने शनिवार को ईडी के एक कार्यक्रम के दौरान जांच में यथासंभव तेजी लाने और अपराध सिद्धि का अनुपात सुधारने का प्रयास करने को कहा। इस दौरान अधिया ने कहा, ‘काफी समय से मैं देख रहा हूं कि जांच पूरी करने में अतिशय देरी होती है। हमें इस मामले में कुछ करना होगा। बहुत से मामलों में अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है। मामलों की जांच कहीं न कहीं तो खत्म करनी ही होगी।’
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राजस्व सचिव ने कहा कि एक साथ कई मामलों की जांच करने की बजाय मामलों की प्राथमिकता तय किए जाने की आवश्यकता है। इससे गंभीर मामलों की जांच जल्द पूरी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में तो जांच सात-आठ साल से चल रही है। बहुत से मामलों में काफी समय तक जांच खुली छोड़ना अच्छी बात नहीं है। जहां तक संभव हो सके, जांच जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए।
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उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि जांच के बाद दाखिल ऐसे मामलों का अनुपात अभी बहुत ही कम है जहां दोषियों पर अपराध सिद्ध हो। उन्होंने इस संदर्भ में जांच कार्य की निपुणता बढ़ाने पर बल दिया। अधिया ने कहा कि जांच के बाद अभियोग तो दायर हो जाते हैं पर वास्तविक अपराध सिद्धि का स्तर बहुत ही कम है। इसलिए न केवल जांच पूरी करना बल्कि मामले को अभियोजन के स्तर पर ले जाकर यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि दोषियों पर आरोप सिद्ध हो।