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Phone Tapping: सरकार ने जारी किए फोन इंटरसेप्शन के लिए नये नियम, सिर्फ आईजी स्तर के अधिकारी दे सकते हैं आदेश
Sat, 07 Dec 2024 10:01 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sat, 07 Dec 2024 10:01 PM IST
सार
Phone Tapping: यदि सक्षम प्राधिकारी आपातकाल के मामलों में आदेश जारी होने के दिन से सात कार्य दिवसों के भीतर ऐसे इंटरसेप्शन आदेश की पुष्टि नहीं करता है, तो इंटरसेप्ट किए गए संदेशों को किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और संदेशों को दो कार्य दिवसों में नष्ट करना होगा।
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फोन टैपिंग
- फोटो : Adobe
विस्तार
केंद्र सरकार ने फोन इंटरसेप्शन के लिए नये नियम अधिसूचित किए हैं। इन नए नियमों के बाद राज्य स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक आपातकालीन स्थिति में फोन इंटरेसप्ट करने के आदेश जारी कर सकते हैं। इससे नीचे के अधिकारियों को आदेश जारी करने का अधिकार नहीं होगा।
यदि सक्षम प्राधिकारी आपातकाल के मामलों में आदेश जारी होने के दिन से सात कार्य दिवसों के भीतर ऐसे इंटरसेप्शन आदेश की पुष्टि नहीं करता है, तो इंटरसेप्ट किए गए संदेशों को किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और संदेशों को दो कार्य दिवसों में नष्ट करना होगा। दूरसंचार विभाग की ओर से 6 दिसंबर को प्रकाशित अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, जहां सक्षम प्राधिकारी के लिए दूरदराज के इलाकों में या परिचालन कारणों से इंटरसेप्शन आदेश जारी करना संभव नहीं है, वहां केंद्रीय स्तर पर अधिकृत एजेंसी के प्रमुख या दूसरे वरिष्ठतम अधिकारी की ओर से इंटरसेप्शन आदेश जारी किया जा सकता है। वहीं, राज्य स्तर पर दूसरा सबसे वरिष्ठ अधिकारी, जो राज्य में पुलिस महानिरीक्षक के पद से नीचे न हो, आदेश जारी कर सकता है।
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अधिसूचना के अनुसार केंद्र सरकार के मामले में गृह मंत्रालय में केंद्रीय गृह सचिव, राज्य सरकार के मामले में गृह विभाग के प्रभारी राज्य सरकार के सचिव सक्षम प्राधिकारी होंगे।
आदेश जारी होने के सात दिनों के भीतरसंबंधित समीक्षा समिति को प्रस्तुत करना होगा
सक्षम प्राधिकारी की ओर से पुष्टि किए गए किसी भी आदेश को जारी होने या पुष्टि की तारीख से सात कार्य दिवसों के भीतर केंद्रीय या राज्य स्तर पर संबंधित समीक्षा समिति को प्रस्तुत करना होगा। केंद्रीय स्तर पर समीक्षा समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे और इसमें कानून सचिव और दूरसंचार सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे। राज्य स्तर पर, मुख्य सचिव समीक्षा समिति की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें गृह सचिव के साथ राज्य के कानून सचिव और राज्य सरकार के एक सचिव शामिल होंगे।
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यदि सक्षम प्राधिकारी आपातकाल के मामलों में आदेश जारी होने के दिन से सात कार्य दिवसों के भीतर ऐसे इंटरसेप्शन आदेश की पुष्टि नहीं करता है, तो इंटरसेप्ट किए गए संदेशों को किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और संदेशों को दो कार्य दिवसों में नष्ट करना होगा। दूरसंचार विभाग की ओर से 6 दिसंबर को प्रकाशित अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।
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सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, जहां सक्षम प्राधिकारी के लिए दूरदराज के इलाकों में या परिचालन कारणों से इंटरसेप्शन आदेश जारी करना संभव नहीं है, वहां केंद्रीय स्तर पर अधिकृत एजेंसी के प्रमुख या दूसरे वरिष्ठतम अधिकारी की ओर से इंटरसेप्शन आदेश जारी किया जा सकता है। वहीं, राज्य स्तर पर दूसरा सबसे वरिष्ठ अधिकारी, जो राज्य में पुलिस महानिरीक्षक के पद से नीचे न हो, आदेश जारी कर सकता है।
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अधिसूचना के अनुसार केंद्र सरकार के मामले में गृह मंत्रालय में केंद्रीय गृह सचिव, राज्य सरकार के मामले में गृह विभाग के प्रभारी राज्य सरकार के सचिव सक्षम प्राधिकारी होंगे।
आदेश जारी होने के सात दिनों के भीतरसंबंधित समीक्षा समिति को प्रस्तुत करना होगा
सक्षम प्राधिकारी की ओर से पुष्टि किए गए किसी भी आदेश को जारी होने या पुष्टि की तारीख से सात कार्य दिवसों के भीतर केंद्रीय या राज्य स्तर पर संबंधित समीक्षा समिति को प्रस्तुत करना होगा। केंद्रीय स्तर पर समीक्षा समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे और इसमें कानून सचिव और दूरसंचार सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे। राज्य स्तर पर, मुख्य सचिव समीक्षा समिति की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें गृह सचिव के साथ राज्य के कानून सचिव और राज्य सरकार के एक सचिव शामिल होंगे।