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Appointment: जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल बने मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, सरकार ने जारी की नियुक्ति अधिसूचना

Tue, 17 Oct 2023 01:13 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Tue, 17 Oct 2023 01:13 AM IST
सार

जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल को 13 मार्च, 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। उनकी अध्यक्षता वाली पीठ ने पिछले सप्ताह बटला हाउस मुठभेड़ मामले में आरिज खान की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

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Govt notified appointment of Justice Siddharth Mridul as Chief Justice of Manipur High Court News Updates
Manipur High Court - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

कानून एवं न्याय मंत्रालय ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जुलाई में जस्टिस मृदुल की मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की थी। केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने उन्हें एक्स पर शुभकामनाएं दी।

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जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल को 13 मार्च, 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था, जहां वे वरिष्ठतम न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनकी अध्यक्षता वाली पीठ ने पिछले सप्ताह बटला हाउस मुठभेड़ मामले में आरिज खान की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।
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नियुक्ति में इसलिए हुई देरी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिफारिश और नियुक्ति के बीच तीन महीने की देरी हो गई है। दरअसल, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय ने सात जुलाई को मणिपुर के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने जस्टिस मृदुल की नियुक्ति को लेकर उनके विचार मांगे थे। राज्य सरकार ने तीन महीने बाद इस पत्र का जवाब दिया। 
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जानिए क्या होता है कॉलेजियम
दरअसल, कॉलेजियम हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति की एक व्यवस्था है। ये व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट ने खुद तय की है। इसके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और जजों के ट्रांसफर पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और चार अन्य सबसे सीनियर जजों का समूह फैसला लेता है।  इसी तरह हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति की सिफारिश उस हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और दो सबसे सीनियर जजों का समूह करता है। इन सिफारिशों की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और दो सबसे सीनियर जज करते हैं। 

कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों को सरकार राष्ट्रपति के पास भेजती है। इन सिफारिशों को मानना राष्ट्रपति और सरकार के लिए अनिवार्य होता है। सरकार चाहे तो कॉलेजियम से एक बार ये अनुरोध कर सकती है कि वह अपनी सिफारिश पर पुनर्विचार करे, लेकिन कॉलेजियम ने वही सिफारिश फिर से भेज दी, तो सरकार के लिए उसे मंजूर करना जरूरी होता है।


मद्रास हाईकोर्ट को मिले दो नए न्यायाधीश
मद्रास हाईकोर्ट को सोमवार को दो नए न्यायाधीश मिले। मुख्य न्यायाधीश एस वी गंगापुरवाला ने एक सादे समारोह में न्यायमूर्ति एन सेंथिलकुमार और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन को पद की शपथ दिलाई। दो नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही मद्रास हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 65 हो गई है। हालांकि, यहां कुल स्वीकृत पद 75 हैं। इस लिहाज से अब भी यहां 10 न्यायाधीशों की कमी है।  
 

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