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एलपीजी वितरकों के कमीशन में बढ़ोतरी की उम्मीद: तेल कंपनियां सिफारिश पर सहमत; हड़ताल के पक्ष में नहीं एफएलडीआई

Sun, 25 Oct 2026 09:35 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 25 Oct 2026 09:35 AM IST
सार

तीनों तेल कंपनियां एलपीजी वितरकों के कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की सिफारिश पर सहमत हैं, जबकि एफएलडीआई ने हड़ताल के बजाय बातचीत से समाधान निकालने की अपील की है। 

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Expectations increase LPG distributors commission Oil companies agree recommendation FLDI not in favor strike
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एलपीजी वितरकों की मांगों को लेकर एक ओर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (एफएलडीआई) ने अपना रुख साफ कर दिया है। संगठन हड़ताल के समर्थन में नहीं है और उसका कहना है कि वितरकों की जायज मांगों को बातचीत और ठोस फैसलों के जरिए पूरा किया जाना चाहिए। इसी बीच, तीनों प्रमुख तेल कंपनियों ने वितरकों के कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की संयुक्त सिफारिश करने पर सहमति जताई है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की मंजूरी अभी बाकी है।

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कमीशन बढ़ाने की सिफारिश करेंगी तीनों तेल कंपनियां
ऑल इंडिया एचपी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (एआईएचपीजीडीए) के बयान के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने एलपीजी वितरकों के कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की सिफारिश मिलकर करने पर सहमति जताई है। इस फैसले से वितरकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कमीशन में बदलाव तभी लागू हो सकेगा, जब मंत्रालय की मंजूरी मिल जाएगी।
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मुंबई की बैठक में मिला भरोसा
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र बी ने 22 अक्टूबर को जारी संदेश में बताया कि यह भरोसा 21 अक्टूबर को मुंबई स्थित इंडियन ऑयल के प्रधान कार्यालय में हुई बैठक में दिया गया। इसमें तीनों तेल कंपनियों के विपणन निदेशक, कार्यकारी निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी और एलपीजी वितरक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। बैठक में बताया गया कि कमीशन बढ़ाने के प्रस्ताव पहले ही मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं। अब उन पर मंजूरी का इंतजार है।
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बढ़ते खर्च और घटती बिक्री से परेशान वितरक
बैठक में वितरकों ने अपनी आर्थिक परेशानियां खुलकर रखीं। उनका कहना था कि परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि कई बाजारों में गैस सिलिंडर की दोबारा भराई की बिक्री घट रही है। नए एलपीजी कनेक्शन देने पर लगी पाबंदियों और बिना बिके व्यावसायिक गैस सिलिंडरों के स्टॉक से भी कारोबार पर दबाव पड़ रहा है। इन परिस्थितियों में वितरकों के पास रोजमर्रा का काम चलाने के लिए जरूरी पूंजी की कमी हो रही है।

जबरन सामान लेने और इंडेंट बदलने पर जताई चिंता
वितरकों ने शिकायत की कि कुछ जगहों पर एनडीएनई, एफटीएल और अन्य गैर-ईंधन उत्पादों को जबरन लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इस पर तेल कंपनियों के अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र में जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया। वितरकों ने यह भी कहा कि उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक गैस की मांग संबंधी आदेशों में बदलाव नहीं होना चाहिए। प्रबंधन ने इस बात पर सहमति जताई और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही।

नए गैस कनेक्शन की समस्या पर भी चर्चा
नए एलपीजी कनेक्शन देने पर लगी पाबंदियों का मुद्दा भी बैठक में उठा। एसोसिएशन के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने बताया कि इस मामले की उच्च स्तर पर समीक्षा की जा चुकी है और समाधान निकालने के लिए काम चल रहा है। वितरकों को उम्मीद है कि इस समस्या का जल्द हल निकलने से कारोबार को राहत मिलेगी।

पारदर्शिता और शिकायतों के समाधान की मांग
वितरकों ने कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लिखित मानक संचालन प्रक्रिया, डिजिटल रिकॉर्ड और शिकायतों के निपटारे के लिए स्वतंत्र व्यवस्था बनाने की मांग की। इसके अलावा, एलपीजी और पीएनजी की सुरक्षा, व्यावसायिक कामकाज, कंपनी के रिकॉर्ड का बिलों और जीएसटीआर-1 से मिलान, गैस की आपूर्ति व्यवस्था और उपभोक्ताओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

बैठक के फैसलों पर नजर रखेंगे वितरक संगठन
तेल कंपनियों के प्रबंधन ने हाल के संकट के दौरान वितरकों और कर्मचारियों के काम की सराहना की। हालांकि, यह भी माना कि कामकाज पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा। वितरक संगठनों ने बैठक में लिए गए फैसलों का लिखित ब्योरा और जिम्मेदारियों व समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी मांगी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में मंत्रालय के हस्तक्षेप की जरूरत है, उन्हें अलग से चिह्नित किया जाना चाहिए।


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एफएलडीआई ने हड़ताल के बजाय बातचीत पर दिया जोर
एफएलडीआई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पेट्रोलियम सचिव का आभार जताया। संगठन के मुताबिक, सचिव की मदद से 21 अक्टूबर को तेल कंपनियों के विपणन निदेशकों के साथ सकारात्मक बैठक हुई, जिसमें एलपीजी कारोबार से जुड़ी समस्याओं को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा गया। एफएलडीआई का कहना है कि वितरकों की मांगों पर बातचीत जारी है और जल्द समाधान निकलने का भरोसा मिला है। इसलिए संगठन ने वितरकों से अपील की है कि वे अपुष्ट विरोध प्रदर्शनों के आह्वान पर ध्यान न दें और गैस की आपूर्ति व सिलेंडर पहुंचाने का काम जारी रखें, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

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