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कोविशील्ड: दो डोज के बीच समय बढ़ाने के फैसले पर सरकार की सफाई, इस वजह से लिया गया था फैसला
Wed, 16 Jun 2021 01:30 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:30 PM IST
सार
कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के लिए समय बढ़ाने के अपने फैसले पर सरकार ने सफाई दी है। सरकार ने बताया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सरकार ने कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतराल बढ़ाने का फैसला लिया।
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कोविशील्ड
- फोटो : twitter@serum institute
विस्तार
कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए वैक्सीन ही एक मात्र बचाव है। देश में तीन कंपनियों की वैक्सीन उपलब्ध है। इसमें कोविशील्ड, को-वैक्सीन और स्पुतनिक शामिल हैं। सभी वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बीच अंतर होता है, लेकिन कोविशील्ड के बीच ज्यादा अंतर होने को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं। ऐसे में सरकार ने लोगों की आशंकाओं को दूर करते हुए सबकुछ समझाया ।
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कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के लिए समय बढ़ाने के अपने फैसले पर सरकार ने सफाई दी है। सरकार ने बताया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सरकार ने कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतराल बढ़ाने का फैसला लिया। नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप यानी एनटीएजीआई के अध्यक्ष एन के अरोड़ा ने कहा कि कोविशील्ड की दो खुराक के बीच 12 से 16 सप्ताह का अंतराल बढ़ाने का निर्णय वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित है और यह पूरे पारदर्शी तरीके से लिया गया है।
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सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की
सरकार ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए दोनों डोज में गैप का अंतर बढ़ा दिया है। सरकार ने दूसरे डोज के लिए कम से कम तीन महीने रुकने को कहा है। 4 करोड़ के आसपास लोगों को कोविशील्ड के दोनों डोज 4 से 8 हफ्ते के अंतर से लगे हैं। इन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनके शरीर में दो डोज के बाद एंटीबॉडी बन गई होंगी।
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गैप ज्यादा करने का निर्णय रिसर्च के बाद
एनटीएजीआई के डॉ. एनके अरोड़ा ने इंग्लैंड का उदाहरण देते हुए सरकार के इस निर्णय को सही ठहराया है। उन्होंने कहा है कि इंग्लैंड का डेटा सामने आने पर 12 हफ्ते का गैप रखने पर वैक्सीनेशन का रिजल्ट 65% से 88% तक अच्छा मिला। वहां इसका काफी फायदा हुआ। इसलिए भारत में वैक्सीनेशन के गैप को बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया। डॉ. अरोड़ा ने कहा है कि ये फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि कोवीशील्ड के 2 डोज में अंतर ज्यादा या कम करने का निर्णय सरकार ने खुद से नहीं लिया बल्कि यह रिसर्च के बाद किया गया। यदि आगे ये बात सिद्ध होती है कि गैप करने पर फायदा मिल सकता है तो इस पर फैसला लिया जाएगा। अभी जो गैप तय किया गया है, इस पर अच्छा रिजल्ट मिलता है तो इसे ही जारी रखा जाएगा।