फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt carrying out 'planned euthanasia' of MGNREGA: Congress

सियासत: कांग्रेस ने फिर केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा- मनरेगा के लिए सुनियोजित इच्छामृत्यु कर रही है सरकार

Fri, 29 Sep 2023 11:05 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 29 Sep 2023 11:05 AM IST
सार

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की सामाजिक लेखा परीक्षा इकाइयां कई राज्यों में निष्क्रिय हालत में हैं।

विज्ञापन
Govt carrying out 'planned euthanasia' of MGNREGA: Congress
Jairam Ramesh - फोटो : Social Media

विस्तार

कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उसने सरकार पर सोशल ऑडिट के फंड में देरी कर मनरेगा की 'सुनियोजित इच्छामृत्यु' करने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया कि बाद में सरकार इसी का बहाना लेकर राज्यों को धन देने से इनकार कर देती है।

विज्ञापन

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की सामाजिक लेखा परीक्षा इकाइयां कई राज्यों में निष्क्रिय हालत में हैं।

विज्ञापन

सोशल ऑडिट मनरेगा का एक अनिवार्य हिस्सा

जयराम रमेश ने कहा कि ग्राम सभा के द्वारा किया जाने वाला सोशल ऑडिट महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का एक अनिवार्य हिस्सा है। ऑडिट जवाबदेही सुनिश्चित करने और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य मूल रूप से भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फंडिंग में देरी

उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य में एक स्वतंत्र सोशल ऑडिट होता है। इसे केंद्र द्वारा सीधे फंड किया जाता है। ताकि उसकी स्वायत्तता बरकरार रखी जा सके। उन्होंने कहा कि अब इसकी फंडिंग में देरी की बात सामने आ रही है। इसका नतीजा यह है कि सोशल ऑडिट समय पर नहीं हो पा रहा है। 

चक्रव्यूह में फंसाकर इच्छामृत्यु

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऑडिट की इस पूरी प्रक्रिया से समझौता किया जाता है। इसके बाद मोदी सरकार इस स्थिति का इस्तेमाल राज्यों को फंड देने से इनकार करने के लिए एक बहाने के रूप में करती है। फंड नहीं मिलने के कारण वेतन भुगतान आदि प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि यह और कुछ नहीं बल्कि मनरेगा को सुनियोजित ढंग से चक्रव्यूह में फंसाकर इच्छामृत्यु देने जैसा है।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed