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Health Ministry: रूसी हैकर्स ने स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट को बनाया निशाना! सरकार ने CERT-In से कही यह बात

Thu, 16 Mar 2023 09:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 16 Mar 2023 09:50 PM IST
सार

क्लाउड एक्स के साइबर विशेषज्ञों का दावा है कि रूसी हैकरों के ग्रुप फीनिक्स ने वेबसाइट को निशाना बनाया है। इसके जरिए हैकर्स देश के सभी अस्पतालों के कर्मचारियों और मुख्य चिकित्सकों के डेटा तक पहुंच गए हैं।

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Govt asks Indian Computer Emergency Response Team to look into alleged hacking of website by Russian hackers
hack

विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) से रूसी हैकर समूह की ओर से उसकी वेबसाइट की कथित हैकिंग की जांच करने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी है।

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इससे पहले क्लाउड एसईके (CloudSEK) ने दावा किया था कि रूसी हैकर्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट को निशाना बनाया है। इससे पहले दिल्ली एम्स पर साइबर अटैक किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूसी हैकर्स ने मंत्रालय की वेबसाइट को निशाना बनाया। 
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एआई संचालित साइबर सुरक्षा कंपनी का दावा है कि रूस समर्थक हैकर ग्रुप फीनिक्स ने कथित तौर पर एचएमआईएस पोर्टल से छेड़छाड़ की और देश के सभी अस्पतालों के कर्मचारियों और मुख्य चिकित्सकों के डाटा में सेंध लगाई। माना जा रहा है कि हैकर्स ने तेल मूल्य सीमा पर भारत के समझौते और रूस-यूक्रेन युद्ध पर G20 के प्रतिबंधों का परिणामस्वरूप वेबसाइट को निशाना बनाया है।
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CloudSEK के मुताबिक, हमले की वजह रूसी संघ के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध हो सकते हैं। इसमें भारतीय अधिकारियों ने प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करने के साथ-साथ G7 देशों द्वारा अनुमोदित रूसी तेल की कीमत सीमा का पालन करने का फैसला किया था।

क्लाउड एक्स के साइबर विशेषज्ञों का दावा है कि रूसी हैकरों के ग्रुप फीनिक्स ने वेबसाइट को निशाना बनाया है। इसके जरिए हैकर्स देश के सभी अस्पतालों के कर्मचारियों और मुख्य चिकित्सकों के डेटा तक पहुंच गए हैं। CloudSEK ने कहा कि फीनिक्स जनवरी 2022 से सक्रिय है। यह मुख्य रूप से अस्पतालों को ही टारगेट करता है। अमेरिकी सेना को सेवा देने वाले स्वास्थ्य संगठन और स्पेन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर हमले के पीछे भी इसी समूह का हाथ था।

दिल्ली एम्स के सर्वर पर हुआ था साइबर अटैक
पिछले साल दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ई-हॉस्पिटल सर्वर पर बड़ा साइबर हमला हुआ था। विदेशी मुल्कों के हैकर्स द्वारा बड़े पैमाने पर एम्स का डेटा चुराने की खबरें आई थीं। दरअसल, दिल्ली एम्स का मुख्य सर्वर पिछले साल 23 नवंबर की सुबह डाउन हो गया था। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही मुख्य सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई थीं। जिसके बाद भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन), दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि जांच में जुट गए थे।


शक्ति मंत्रालय का ट्विटर हैंडल भी हुआ था हैक
ऐसे ही पिछले साल दिसंबर में केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय का ट्विटर हैंडल हैक कर लिया गया था। हैकर्स ने मंत्रालय का ट्विटर हैंडल हैक कर लिया था। सिक्योरिटी एजेंसी और साइबर एक्सपर्ट ट्विटर हैंडल हैकिंग से जुड़ें मामले की जांच में जुट गए थे।
 

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