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TMC vs Governor: ममता और धनखड़ के बीच विवाद नए मोड़ पर, राज्यपाल बोले- संविधान के मुताबिक विधेयकों पर करेंगे विचार

Tue, 21 Jun 2022 08:47 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 21 Jun 2022 08:47 PM IST
सार

बंगाल सरकार ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद तक से हटाने पर मुहर लगा दी है। इस मामले में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वे संविधान के अनुसार इन विधेयकों पर विचार करेंगे।

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Governor Jagdeep Dhankhar said on the bill regarding the Vice Chancellor of the State University
ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच का विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। बंगाल सरकार ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद तक से हटाने पर मुहर लगा दी है। सोमवार को इससे संबंधित एक विधेयक बंगाल विधानसभा में पारित किया गया। वहीं, इस मामले में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वे संविधान के अनुसार इन विधेयकों पर विचार करेंगे।

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि संस्थानों, सरकारी निकायों और विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में राज्य के राज्यपाल को मुख्यमंत्री द्वारा बदलने के लिए परिवर्तन लाए गए। मैं इन सभी विधेयकों पर संविधान के अनुसार विचार करूंगा और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार इनकी जांच करूंगा। 
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इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसात्मक घटनाओं को लेकर ममता सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के राज्यपाल के रूप में मुझे चिंता है कि राज्य में हिंसा हुई है। चुनाव के बाद की हिंसा इस भूमि पर एक धब्बा है। ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि सरकार हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। राज्य में हर कोने में माफिया और सिंडिकेट राज है। 
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क्या है पश्चिम बंगाल में सीएम-राज्यपाल के बीच खींचतान की वजह?
पश्चिम बंगाल में राज्यपाल की कुलाधिपति के तौर पर ताकत को लेकर विवाद कोलकाता की विश्व भारती यूनिवर्सिटी में छात्रों को बर्खास्त करने के मामले से शुरू हुआ। दरअसल, इस घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठन आमने-सामने आ गए थे। इस मुद्दे में तब तृणमूल कांग्रेस सरकार भी कूदी थी और उसने कुलपति विद्युत चक्रवर्ती पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर तब बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कुलपति का पक्ष लिया था और टीएमसी से यूनिवर्सिटी को राजनीति में न घसीटने की बात कही थी। इसके बाद राज्यपाल और सत्तासीन टीएमसी के बीच विवाद बढ़ा। 

धनखड़ ने लगाए थे आरोप
दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर इस विवाद में चिंगारी पिछले साल दिसंबर में भड़की, जब धनखड़ ने विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति में अनियमितता के आरोप लगाए और कार्रवाई के संकेत दिए। राज्यपाल ने आरोप लगाया था कि राज्य के 24 यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति गलत तरह से हुई है।

 इन 24 विश्वविद्यालयों की सूची में जाधवपुर यूनिवर्सिटी, प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थान भी शामिल थे। यह सभी संस्थान बंगाल में छात्र राजनीति का केंद्र रही हैं। धनखड़ के इस बयान के बाद टीएमसी ने उनका विरोध शुरू कर दिया और इस मामले में प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक को चिट्ठियां लिख दीं। अब बात राज्यपाल को कुलाधिपति पद से हटाने तक पर आ गई।

पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य सेवा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक विधानसभा में पारित
राज्यपाल के स्थान पर मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय का कुलाधिपति के रूप में नियुक्त करने से संबंधित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य सेवा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2022 को राज्य विधानसभा में पारित कर दिया गया। यह विधेयक तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 


मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री चन्द्रीमा भट्टाचार्य ने मंगलवार को विधेयक सदन में पेश किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में इस विधेयक के पक्ष में 134 वोट पड़े जबकि 51 विधायकों ने इसका विरोध किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सीटें हैं।

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