तुकी शनिवार तक बहुमत साबित करें: राज्यपाल
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर एक दिन पहले बुधवार को बहाल हुए नबाम तुकी से राज्यपाल ने शनिवार तक सदन में बहुमत साबित करने को कहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसे नाकाफी बताते हुए और समय की मांग की है।
तुकी ने पत्रकारों से कहा कि वह राज्य के कार्यवाहक राज्यपाल तथागत राय से अनुरोध करेंगे कि वह अवधि बढ़ाएं क्योंकि इतने कम समय में यह संभव नहीं है। राज्यपाल जेपी राजखोवा के अस्वस्थ होने की वजह से त्रिपुरा के राज्यपाल राय को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
राज्यपाल ने तुकी को भेजे एक संदेश में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आपको बुधवार से सीएम पद पर बहाल किया जाता है। इसमें मुख्यमंत्री से विधानसभा की बैठक तुरंत बुलाने और सदन में 16 जुलाई तक बहुमत साबित करने को कहा गया है। इसमें कहा गया है कि सदन की कार्यवाही शांति पूर्वक संचालित हो यह सुनिश्चित करने के लिए इसकी वीडियोग्राफी करवाई जाए। सदन के सचिव को भी ऐसा ही एक नोट भेजा गया है।
अल्पमत में है तुकी सरकार: कलिखो पुल
सदन के स्पीकर नबाम रेबिया ने भी कहा कि सत्र बुलाने के लिए कम से कम 10-15 दिनों का समय चाहिए। इस बीच बदली राजनीति परिस्थिति में केंद्र की मोदी सरकार ने पूरी प्रक्रिया से दूरी बना ली है और राज्यपाल को सलाह दी है कि वह नियमों के मुताबिक कदम उठाएं।
प्रदेश भाजपा भी किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखा रही और उसका जोर खेमे के 43 विधायकों को एकजुट रखने पर है। भाजपा समर्थित नेता और मुख्यमंत्री पद से हटाए गए कलिखो पुल ने दावा किया कि तुकी सरकार अल्पमत में है।
60 सदस्यीय राज्य विधानसभा में उनकी पीपुल्स पार्टी के 30 विधायक हैं, जबकि उसे भाजपा के 11 और दो निर्दलीयों का समर्थन प्राप्त है। दो सीट खाली और कांग्रेस के पास केवल 15 विधायक हैं। पार्टी का मानना है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने नबाम तुकी को सीएम पद पर बहाल कर दिया हो लेकिन उनके पास संख्या बल नहीं है, और सरकार केवल संख्या बल से चलती है।