फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   government will wait for lahiri committee in case of excise duty on Bullion traders

लाहिड़ी कमेटी की रिपोर्ट आने तक सराफा कारोबारियों पर छापे नहीं

Wed, 23 Mar 2016 03:09 AM IST
शिशिर चौरसिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली
शिशिर चौरसिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 23 Mar 2016 03:09 AM IST
सार

  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क के अधिकारियों और निरीक्षकों को दिए गए हैं सख्त निर्देश
  • सोने के आभूषणों के निर्यात में भी चलेगा सेल्फ डिक्लरेशन

विज्ञापन
government will wait for lahiri committee in case of excise duty on Bullion traders
सराफा कारोबारियों की हड़ताल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वर्ण आभूषणों पर 1 फीसदी उत्पाद शुल्क के बजट प्रावधान पर कारोबारियों के विरोध को देखते हुए सरकार ने लाहिड़ी कमेटी की रिपोर्ट आने तक उन्हें सर्च, सीजर और गिरफ्तारी से बड़ी राहत दी है। मंत्रालय की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तब तक इस मामले में कोई छापा डालने से बचें। जब छापा नहीं डाला जाएगा तो जब्ती की नौबत नहीं आएगी और किसी की गिरफ्तारी भी नहीं होगी।
विज्ञापन


सरकार ने इस सिलसिले में बीते शुक्रवार को ही वित्त मंत्रालय में पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो 60 दिन में अपनी रिपेार्ट देगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केन्द्रीय उत्पाद शुल्क के अधिकारियों और निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे आभूषण बनाने वाली किसी भी इकाई, आभूषण के शोरूम या कारोबारी के घर पर नहीं जाएं। सूत्रों के मुताबिक केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे कारोबारियों से फर्स्ट सेल इनवायस केआधार पर ही केन्द्रीय उत्पाद शुल्क वसूलें।
विज्ञापन


चूंकि यह कर 1 मार्च 2016 से लागू हो गया है, इसलिए अब नियमत: इसके तहत शुल्क जमा होना और रिटर्न दाखिल होना शुरू हो जाना चाहिए। उसी को ध्यान में रखते हुए सीबीईसी ने अपने फील्ड अधिकारियों से कहा है कि आभूषणों के उत्पादन, शुद्घता, वजन, उसमें जड़े गए कीमती पत्थरों आदि की जो भी जानकारी इनवायस में दी जाती है, उसे कोई भी अधिकारी चुनौती नहीं देंगे, उसे अक्षरश: मान लेंगे। सोने के आभूषणों का निर्यात करने वाले कारोबारियों की सहूलियत के लिए उन्हें सेल्फ डिक्लरेशन की सुविधा दे दी गई है। वे अभी अपना कागजात (एलयूटी) सीधे कस्टम अधिकारियों के पास जमा कराएंगे, उन्हें इस कागजात को केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग केअधिकारियों से प्रमाणित नहीं कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed