एक जनवरी से पेंशन कम्यूटेशन लागू करने के लिए ईपीएफओ पर दबाव डालेगी सरकार
- 6.3 लाख पेंशनधारकों को नई व्यवस्था का लाभ दिलाने की तैयारी में है श्रम मंत्रालय
- पहले कर्मियों को पेंशन के कुछ हिस्से का एकमुश्त भुगतान लेने की सुविधा मिलती थी
- साल 2009 से बंद कर दी गई थी यह व्यवस्था, 6.3 लाख पेंशनधारकों को फायदा होगा
- अगस्त 2019 में व्यवस्था दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया, बहाल अब तक नहीं
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श्रम मंत्रालय ने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त पेंशन निकासी की सुविधा देने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) पर दबाव डालना शुरू कर दिया है। श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पेंशन कम्यूटेशन की व्यवस्था एक जनवरी, 2020 से दोबारा बहाल कराने के लिए संगठन पर दबाव डालेगा।
पेंशन कम्यूटेशन व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन के कुछ हिस्से का एकमुश्त भुगतान लेने की सुविधा मिलती थी। इस व्यवस्था को 2009 से बंद कर दिया गया था लेकिन इससे पहले के जिन कर्मचारियों ने इस विकल्प को चुना था, उन्हें लाभ दिलाने के लिए ईपीएफओ ने 21 अगस्त 2019 को व्यवस्था दोबारा शुरू करने का फैसला किया था। बावजूद इसके अभी तक इसे बहाल नहीं किया जा सका है।
श्रम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि योजना के शुरू होने से देशभर के 6.3 लाख पेंशनधारकों को फायदा होगा। मंत्रालय इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए 1 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। इससे पहले कर्मचारी संगठनों ने भी पेंशन कम्यूटेशन व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग की थी। उनका कहना था कि 10 वर्षों के लिए कुल पेंशन का एक तिहाई हिस्सा योजना के तहत दिया जाए।
क्या है इस योजना में
इस योजना के तहत ईपीएफओ सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की 15 साल की पेंशन का एक तिहाई हिस्सा काटकर उसे एकमुश्त दे दिया जाता है। पेंशनधारक 15 साल बाद दोबारा अपनी मासिक पूरी रकम पाने का हकदार हो जाता है। ईपीएफओ की सर्वोच्च संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज और श्रम मंत्रालय ने भी योजना को लागू करने पर सहमति जता दी है। जल्द ही इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।