Corona vaccine: विदेशों से वैक्सीन का आयात नहीं करेगी केंद्र सरकार, राज्यों पर छोड़ा फैसला
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अधिकारियों ने कहा कि इसके बजाय मोदी सरकार देशी वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन खरीदकर उन्हें प्रोत्साहन देगी। सरकार ने इसी महीने निजी वैक्सीन निर्माताओं को एडवांड में भुगतान भी किया है।
इस महीने संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद मोदी सरकार ने फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन से अपनी वैक्सीन बेचने के लिए अनुमति लेने को कहा था। साथ ही इसे लेकर नियमों मे ढील भी दी थी।
सूत्र ने बताया कि केंद्र सरकार ने अब विदेशी कंपनियों से वैक्सीन आयात करने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ने का फैसला लिया है। फिलहाल सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का निर्माण कर रही है जबकि भारत बायोटेक देसी वैक्सीन कोवाक्सीन बना रही है।
देश में 3.49 लाख नए मामले आए सामने, 2,767 लोगों की मौत
भारत में दिल्ली समेत कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में चिकित्सकीय सुविधाओं के गंभीर अभाव के बीच कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 3,49,691 नए मामले सामने आए और 2,767 लोगों की मौत हो गई। इसी बीच, केंद्र सरकार ने तरल ऑक्सीजन के गैर चिकित्सकीय उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी और उत्पादन इकाइयों को उत्पादन बढ़ाने और चिकित्सा इस्तेमाल के लिए इसे सरकार को उपलब्ध कराने को कहा। सरकार ने कहा कि 551 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने आपदा प्रबंधन कानून में निहित अधिकार का प्रयोग करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि तरल ऑक्सीजन का इस्तेमाल गैर चिकित्सा उद्देश्य के लिए नहीं किया जाए और सभी उत्पादन इकाइयां तरल ऑक्सीजन उत्पादन की अधिकतम क्षमता का प्रयोग करे एवं उसे सरकारों को चिकित्सा उपयोग के लिए उपलब्ध कराएं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया और अगले आदेश तक जारी रहेगा।
भल्ला ने निर्देश दिया कि तरल ऑक्सीजन के भंडार को तत्काल चिकित्सा उपयोग के लिए सरकार को मुहैया कराया जाए और किसी भी उद्योग को इस संबंध में छूट नहीं होगी।