फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Government will make social media secure, meeting on January 5

आलोचना झेल रही सरकार सोशल मीडिया को बनाएगी सुरक्षित, 5 को बैठक

Wed, 02 Jan 2019 05:08 AM IST
Gaurav Pandey पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 02 Jan 2019 05:08 AM IST
विज्ञापन
Government will make social media secure, meeting on January 5

इंटरमीडिएटरी नियमों को लेकर आलोचना झेल रही सरकार अब सोशल मीडिया को सुरक्षित बनाने पर चर्चा करेगी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आईटी) ने इस क्षेत्र से जुड़े तमाम विशेषज्ञों समेत सभी हिस्सेदारों की बैठक 5 जनवरी को बुलाई है। इसमें भड़काऊ, अश्लील संदेश और फर्जी खबरें सोशल मीडिया से दूर रखने पर चर्चा की जाएगी।

विज्ञापन


फेसबुक, ट्विटर और यू-ट्यूब समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये फैलने वाली फर्जी खबरों को रोकने के लिए हाल ही में सरकार ने आईटी इंटरमीडिएटरी नियम-2018 जारी किए थे। इन नियमों का विरोध सभी विपक्षी राजनीतिक दलों ने किया था। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार इन नियमों के जरिये सोशल मीडिया पर नियंत्रण करना चाहती है। 
विज्ञापन


सरकार ने नए नियम लाने के लिए आईटी अधिनियम की धारा-79 में संशोधन का फैसला किया था। इसका मसौदा जारी कर सरकार ने 15 जनवरी तक लोगों से राय मांगी थी। इसके बाद राजनीतिक दलों के अलावा आईटी विशेषज्ञों ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना की थी। इसके चलते सरकार ने सभी हिस्सेदारों से इंटरमीडिएटरी नियमों पर चर्चा करना तय किया और बैठक में विशेषज्ञों समेत अन्य को आमंत्रित किया गया है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन दिन में जवाब जरूरी

सरकार द्वारा जारी मसौदे में कहा गया है कि सोशल मीडिया कंपनियों को 72 घंटे के अंदर सरकार के सवालों का जवाब देना होगा। इसके लिए कंपनियों को नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी और नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी कंपनी के हर पल अपडेट होने वाले संदेशों पर होगी।

पूरे मसौदे में राजनीतिक दलों का सर्वाधिक विरोध कंपनियों के मसौदे के उस पहलू पर था जिसमें सरकार ने कंपनियों को मैसेज का एनक्रिप्शन (एक से दूसरे सिरे तक संरक्षित) कोड मुहैया कराने को कहा था। आईटी मंत्रालय का कहना है कि यह कवायद सोशल मीडिया पर रोजाना आने वाली फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए थी। साथ ही नागरिकों के डेटा सुरक्षा के पहलू का भी ख्याल रखा गया है। 

भारत में पंजीकरण जरूरी

मसौदे में कहा गया है कि सभी कंपनियों को 50 लाख प्रयोगकर्ता से ज्यादा संख्या होने पर भारत में पंजीकरण कराना होगा और 180 दिन तक डेटा रखना होगा। साथ ही कंपनियों को किसी कानून का उल्लंघन करने वाले, उत्पीड़न दर्शाने वाले, देश की एकता-अखंडता या सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला, आपत्तिजनक या अश्लील सामग्री जैसे पोस्ट को प्रतिबंधित करना होगा।

मंत्रालय ने दिया था निर्देश  

आईटी मंत्रालय ने पहले कई बार फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सएप को फर्जी संदेशों पर रोक लगाने के लिए ताकीद किया था, लेकिन एनक्रिप्शन का हवाला देकर उसकी ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। साथ ही फर्जी संदेश की उत्पत्ति कहां से हुई। यह जानकारी देने के बारे में भी कोई आश्वासन नही दिया गया। इन्हीं कारणों से सरकार ने नए नियम बनाने का कदम उठाया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed