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किसान को मौसम की मार से बचाएंगे 'स्वचालित मौसम केंद्र', 200 जिलों में लगेगी ये विशेष तकनीक

Thu, 09 Jul 2020 06:38 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 09 Jul 2020 06:38 PM IST
सार

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के दो सौ कृषि विज्ञान केंद्रों में इस साल के अंत तक विशेष तकनीक वाले स्वचालित मौसम केंद्र काम करना शुरू कर देंगे। इन केंद्रों के जरिए किसानों को अगले पांच छह दिन के मौसम का पूर्वानुमान मिल जाएगा...

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Government will install Automatic weather station in 200 districts to protect farmers from the bad weather
agriculture india - फोटो : फाइल (सांकेतिक)

विस्तार

केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए एक नई योजना पर काम शुरू किया है। अनेक राज्यों में किसान को समय रहते मौसम के मिजाज की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उसकी फसल या पशु धन को भारी नुकसान पहुंचता है।
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कई बार ऐसा होता है कि जब तक किसान को मौसम विभाग की सूचना मिलती है, तब तक उसकी फसल बर्बाद हो चुकी होती है। यही जानकारी किसान को समय पर मिल जाए, इसके लिए दो सौ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की तरफ से स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
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ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के दो सौ कृषि विज्ञान केंद्रों में इस साल के अंत तक विशेष तकनीक वाले स्वचालित मौसम केंद्र काम करना शुरू कर देंगे। इन केंद्रों के जरिए किसानों को अगले पांच छह दिन के मौसम का पूर्वानुमान मिल जाएगा।
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मंत्रालय के अनुसार, किसान को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए ब्लाक स्तर पर भी स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। एक ही जिले में जब कई जगहों पर ये केंद्र काम करना शुरू करेंगे तो फसलों को मौसम की मार से काफी हद तक बचाया जा सकेगा।


इन केंद्रों के जरिए मौसम एवं जलवायु में होने वाले सूक्ष्म स्तर के बदलावों की सूचना मिलेगी। मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, ये केंद्र किसान के लिए बहुत लाभदायक साबित होंगे।

जिस इलाके में वह खेती करता है या पशु पालता है, वहां अगले पांच दिन में मौसम कैसा रहेगा, उसे ये सूचना समय रहते मिलेगी।

इससे वह अपने कृषि कार्य में बदलाव कर सकता है। पशुओं के लिए चारा स्टॉक करना है या खेत में तैयार फसल को तेज बरसात से बचाने के लिए क्या करना है, वह मौसम विभाग की जानकारी के आधार पर आसानी से कर सकता है।

इन केंद्रों की जानकारी को किसान तक पहुंचाने के लिए सरकार कई कदम उठाएगी। किसान पोर्टल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, दूरदर्शन, रेडियो, इंटरनेट और मोबाइल फोन पर एसएमएस से मौसम की सूचना पहुंचाई जाएगी।


मौजूदा समय में देश के 4.2 करोड़ किसान एसएमएस के जरिए एग्रोमेट एडवायजरी प्राप्त कर रहे हैं। किसानों को अपने जिले में मौसम की जानकारी और संबंधित कृषि मौसम संबंधी सलाह ठीक तरह से मिल जाए, इसके लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मेघदूत नामक एक मोबाइल एप भी लांच किया है।

अब जिला एवं ब्लाक स्तर पर जब स्वचालित मौसम केंद्र काम करना शुरू कर देंगे तो किसान को यह जानकारी और अधिक सूक्ष्म रूप में प्राप्त होने लगेगी।

इन राज्यों के जिलों में स्थापित होंगे 'स्वचालित मौसम केंद्र',

आंध्रप्रदेश: प्रकाशम, पूर्वी गोदावरी, वाईएसआर कडप्पा, विजय नगरम, नेल्लयोर, कुरनूल, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा और श्रीकाकुलम

अरुणाचल प्रदेश: नमसाई, पंपुपरे, तवांग

असम: हैलाकांडी, धुबरी, बारपेटा, कचार, दरांग, बक्सा, उदलगुड़ी व गोलपारा

बिहार: खगरिया, गया, पूर्णिया, पूर्वी चंपारन, बेगू सराय, कटिहार, सीतामढ़ी, शेखपुरा, नवादा व बांका आदि।

छत्तीसगढ़: महासमुंद, कोरबा, जशपुर, नारायणपुर व बीजापुर आदि

गोवा: उत्तर गोवा व दक्षिण गोवा

गुजरात: पंचमहल, दाहोद, अमरेली, डांग, नर्मदा, जामनगर व वडोदरा आदि

हरियाणा: सोनीपत, गुड़गांव, करनाल, महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर

हिमाचल प्रदेश: चंबा, बिलासपुर, सुन्दरनगर व सिरमौर

जम्मू-कश्मीर: बारामुला, कठुआ, कुपवाड़ा व रिसी

झारखंड: लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, साहिबगंज, कुंथी, सिमडेगा, पाकुर, गोड्डा, देवघर, चतरा, पलामू व बोकारो आदि

कर्नाटक: हवेरी, मांडया, बेल्लारी, चिकमंगलूर, बागलकोट व रामनगरम आदि

केरल: मलप्पुरम, पालघाट व कोलम

लक्षद्वीप: किल्तान

मध्यप्रदेश: अशोक नगर, नीमच, रीवा, गूना, खंडवा, शिवपुरी, छतरपुर, कटनी, बरवानी व राजगढ़ आदि

महाराष्ट्र: नागपुर, पालघर, सोलापुर, उस्मानाबाद, औरंगाबाद, भंडारा व वासिम आदि

मणिपुर: चंदेल

मेघालय: रिेभोई व पश्ख्मि खासी हिल

मिजोरम: मामित

नागालैंड: मोकोकचुंग व केफाइर

नई दिल्ली: दक्षिण व पश्चिम जिला

उड़ीसाः कटक, रायगढ़, मयुरभंज, बालानगिर, जगतसिंह पुर, नयागढ़ व गंजम आदि

पुडुचेरी: पुडुचेरी

पंजाब: रोपड़, जालंधर, मोगा, बरनाला व पिफरोजपुर आदि

राजस्थान: चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, करौली, जैसलमेर, हनुमानगढ़ व धौलपुर आदि

सिक्किम: पूर्वी व पश्चिम सिक्किम

तमिलनाडु: कुड्डालोर, पुडुकोट्टई, रामनाथपुरम, विरुधुनगर, वेल्लूर, थिरुवल्लूर, कांचीपुरम व धर्मपुरी आदि

तेलंगाना: आदिलाबाद, नलगौंडा, वारंगल व खम्मम

त्रिपुरा: धलाई

उत्तरप्रदेश: भदोई, सोनभद्र, कन्नौज, गोरखपुर, फतेहपुर, बुलंदशहर, चित्रकूट, जौनपुर, बागपत, गाजीपुर, आजमगढ़ व मैनपुरी आदि

उत्तराखंड: अलमोड़ा, नैनीताल व पिथौरागढ़

पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, जलपाईगुड़ी, बीरभूम, मालदा व पुरुलिया  

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