देश में पहली बार ऑक्सीजन के एक लाख नए सिलेंडर खरीदेगी सरकार
- देश में इस वक्त चार लाख से ज्यादा सिलेंडर हैंमौजूद
- 20 फीसदी कोरोना संक्त्रस्मित मरीजों को ऑक्सीन की जरूरत
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कोरोना वायरस को लेकर देश में पहली बार केंद्र सरकार ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने जा रही है। सरकार ने एक लाख नए ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने के लिए आदेश दिए हैं। शुक्रवार तक देश में 4.38 लाख ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद हैं जो कोरोना संक्रमितों के लिए पर्याप्त बताए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 20 फीसदी कोरोना संक्रमित मरीजों को आईसीयू केयर की जरूरत पड़ती है जिसमें से पांच फीसदी रोगियों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। इन्हीं 20 फीसदी मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार नए सिलेंडरों को खरीदने पर जोर दे रही है।
कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर गठित 11 उच्चाधिकार प्राप्त समूह में से तीन के चेयरमेन पीडी वाघेला ने बताया कि भारत में 6400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है जिसमें से एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन का इस्तेमाल अस्पतालों में होता है। पांच बड़ी और 600 छोटी निर्माता कंपनियां ऑक्सीजन बनाती हैं। करीब 409 अस्पताल ऐसे हैं जहां ऑक्सीजन का निर्माण भी होता है। ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति के लिए देश भर में 1050 टैंकर उपलब्ध हैं।
इस क्षमता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर फिलहाल भारत में कोई कमी नहीं है। उन्होंने ये भी बताया कि इस वक्त देश में 4.38 लाख ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। बावजूद इसके देश में पहली बार भारत सरकार एक लाख तीन हजार नए सिलेंडर खरीदने जा रही है। ये सभी सिलेंडर भारतीय कंपनियों से ही खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा पांच लाख औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल सिलेंडर मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर आसानी से अस्पतालों के लिए किया जा सकता है। इनमें से 60 हजार सिलेंडर का ऑर्डर भी जारी कर दिया है।