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Flag Code: केंद्र सरकार ने ध्वज संहिता में किया बड़ा बदलाव, अब दिन-रात फहराया जा सकेगा तिरंगा
Sat, 23 Jul 2022 10:43 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 23 Jul 2022 10:43 PM IST
सार
सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र (Letter) में कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (Indian National Flag) का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Indian Flag Code 2002) और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है।
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तिरंगा
- फोटो : i stock
विस्तार
सरकार ने ध्वज संहिता (Flag Code) में बदलाव किया है। इसके साथ अब तिरंगे को दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है। साथ ही मशीन और पॉलिएस्टर से बने ध्वजों का उपयोग करने की भी अनुमति होगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वह आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 13 से 15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' (Har Ghar Tiranga) अभियान शुरु करने जा रही है।
सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (Indian National Flag) का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है।
दिन-रात फहराया जा सकता है राष्ट्रीय ध्वज
पत्र में कहा गया है, भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Flag Code 2022) को 20 जुलाई 2022 के एक आदेश के जरिए संशोधित किया गया है और अब भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (II) को इस तरह पढ़ा जाएगा : जहां ध्वज खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है।
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पहले सूर्योदय से सूर्यास्त तक थी अनुमति
इससे पहले तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। इसी तरह ध्वज संहिता के एक अन्य प्रावधान में बदलाव करते हुए कहा गया, राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना होगा। यह कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले मशीन से बने और पॉलिएस्टर सेबने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नहीं थी।
आजादी के 75 साल के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा आजादी का अमृत महोत्सव
'आजादी का अमृत मोहत्सव' एक प्रगतिशील स्वतंत्र भारत के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'हर घर तिरंगा' अभियान शुरु किया गया है।
गृह सचिव ने पत्र बताई ध्वज संहिता की मुख्य विशेषताएं
गृह सचिव ने अपने पत्र के साथ ध्वज संहिता की मुख्य विशेषताओं को भी संलग्न किया जिसमें 30 दिसंबर 2021 और 20 जुलाई 2022 को किए गए बदलावों और राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग और प्रदर्शन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल शामिल हैं। गृह सचिव ने पत्र में कहा, आपसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि ये आपके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत विभिन्न संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित हो।
कांग्रेस के पूर्व सांसद जिंदल ने सरकार की तारीफ की
कांग्रेस के पूर्व सांसद नवीन जिंदल ने देश के झंडा संहिता में बदलाव करने के फैसले के लिए रविवार को सरकार की सराहना की। दरअसल, केंद्र ने नियमों में बदलाव कर के दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहराने की अनुमति दे दी है। इस जिंदल ने कहा कि यह बहुत प्रगतिशील निर्णय है, जो निश्चित रूप से अधिक लोगों को सम्मान और गर्व के साथ ध्वज को प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। सरकार ने यह बदलाव ऐसे वक्त पर किया है जब वह आजादी का अमृत महोत्वस के तहत 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम की शुरुआत करने वाली है।
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सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (Indian National Flag) का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है।
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दिन-रात फहराया जा सकता है राष्ट्रीय ध्वज
पत्र में कहा गया है, भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Flag Code 2022) को 20 जुलाई 2022 के एक आदेश के जरिए संशोधित किया गया है और अब भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (II) को इस तरह पढ़ा जाएगा : जहां ध्वज खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है।
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पहले सूर्योदय से सूर्यास्त तक थी अनुमति
इससे पहले तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। इसी तरह ध्वज संहिता के एक अन्य प्रावधान में बदलाव करते हुए कहा गया, राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना होगा। यह कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले मशीन से बने और पॉलिएस्टर सेबने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नहीं थी।
आजादी के 75 साल के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा आजादी का अमृत महोत्सव
'आजादी का अमृत मोहत्सव' एक प्रगतिशील स्वतंत्र भारत के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'हर घर तिरंगा' अभियान शुरु किया गया है।
गृह सचिव ने पत्र बताई ध्वज संहिता की मुख्य विशेषताएं
गृह सचिव ने अपने पत्र के साथ ध्वज संहिता की मुख्य विशेषताओं को भी संलग्न किया जिसमें 30 दिसंबर 2021 और 20 जुलाई 2022 को किए गए बदलावों और राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग और प्रदर्शन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल शामिल हैं। गृह सचिव ने पत्र में कहा, आपसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि ये आपके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत विभिन्न संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित हो।
कांग्रेस के पूर्व सांसद जिंदल ने सरकार की तारीफ की
कांग्रेस के पूर्व सांसद नवीन जिंदल ने देश के झंडा संहिता में बदलाव करने के फैसले के लिए रविवार को सरकार की सराहना की। दरअसल, केंद्र ने नियमों में बदलाव कर के दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहराने की अनुमति दे दी है। इस जिंदल ने कहा कि यह बहुत प्रगतिशील निर्णय है, जो निश्चित रूप से अधिक लोगों को सम्मान और गर्व के साथ ध्वज को प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। सरकार ने यह बदलाव ऐसे वक्त पर किया है जब वह आजादी का अमृत महोत्वस के तहत 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम की शुरुआत करने वाली है।