Parliament: ‘संसद को पटरी से उतारना चाहती है सरकार’; सर्वदलीय बैठक के बाद बोले कांग्रेस नेता गौरव गोगोई
गौरव गोगोई ने सर्वदलीय बैठक के बाद आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को कमजोर कर संसद को पटरी से उतारना चाहती है। लोकसभा में 8 दिसंबर को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष बहस होगी।
विस्तार
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस के लोकसभा डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर रही है, संसद के कामकाज को पटरी से उतारना चाहती है और संसदीय परंपराओं को दफन करने पर तुली है। गोगोई ने बताया कि कांग्रेस ने बैठक में कई अहम मुद्दों जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, मतदाता सूची की पवित्रता, किसानों के मुद्दे और विदेश नीति पर चर्चा की मांग रखी।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा से बच रही सरकार: गोगोई
गोगोई ने कहा कि दिल्ली ब्लास्ट जैसे मामलों के बाद देश की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा बेहद जरूरी है, लेकिन सरकार छोटी अवधि की बहस से भी बचती दिख रही है। उन्होंने दावा किया ऐसा लगता है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा नहीं चाहती। कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण दिखाई देता है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची की शुचिता पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
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वायु प्रदूषण और किसानों के मुद्दों पर भी जोर
गोगोई ने कहा कि देश में वायु प्रदूषण की समस्या खतरनाक स्तर पर है और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आर्थिक सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठाए और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर योजनाओं की मांग की। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत की विदेश नीति दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा किसी देश को हमारा रूस से तेल खरीदना पसंद नहीं, तो किसी को हमारी रक्षा नीति। हम अपनी शर्तों पर नीति नहीं बना रहे हैं।
गोगोई ने कहा कि विपक्ष एकजुट है और चाहता है कि संसद लोकतंत्र की मर्यादा में चले, न कि सिर्फ एक व्यक्ति की प्रशंसा का मंच बनकर रह जाए। उन्होंने आरोप लगाया ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना और संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहती है।
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मोदी शुरू करेंगे बहस, शाह राज्यसभा में करेंगे नेतृत्व
‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर 8 दिसंबर को होने वाली विशेष बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में दोपहर 12 बजे करेंगे। वहीं कांग्रेस ने अपने प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा और ए. बिमोल अकोइजम इस बहस के दौरान कांग्रेस की ओर से अपनी बात रख सकते हैं। इसके अलावा प्रणीति शिंदे, प्रशांत पाडोले, चामला रेड्डी और ज्योत्सना महंत को भी बहस में हिस्सा लेने का मौका दिया जा सकता है। जबकि 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्री भी इस दिनभर चलने वाली बहस में भाग लेंगे। बहस का समापन सत्तारूढ़ भाजपा के एक वक्ता द्वारा किया जाएगा।
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