{"_id":"5c2e1022bdec2256e517f0c8","slug":"government-told-in-parliament-right-to-cancel-aadhaar-if-found-at-the-age-of-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 साल का होने पर मिलेगा आधार रद्द करवाने का अधिकार, अभी तक 123 करोड़ हुए जारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
18 साल का होने पर मिलेगा आधार रद्द करवाने का अधिकार, अभी तक 123 करोड़ हुए जारी
Thu, 03 Jan 2019 07:07 PM IST
पूजा मेहरोत्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पूजा मेहरोत्रा
Updated Thu, 03 Jan 2019 07:07 PM IST
विज्ञापन
hansraj gangaram ahir
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिगों को सरकार आधार कार्ड रद्द करने का विकल्प देने पर विचार कर रही है। सरकार ने लोकसभा में कहा कि आधार बनवा चुके नाबालिगों को सरकार 18 साल की उम्र होने के बाद इसे रद्द करवाने का विकल्प भी देगी। इसके लिए सरकार ने लोकसभा में एक बिल पेश किया है। यह लोगों को बैंक खाता खोलने या मोबाइल सिम के लिए स्वेच्छा से आधार नंबर देने की भी इजाजत देता है।
सरकार द्वारा पेश यह बिल आधार, टेलीकॉम सेक्टर और बैंकिंग रेगुलेशन से जुड़े तीन अलग-अलग कानूनों में संशोधन से जुड़ा है। इसमें आधार के इस्तेमाल के लिए तय नियमों के उल्लंघन पर सख्त सजा का भी प्रावधान है। आधार और अन्य कानून (संशोधन) बिल, 2018 को कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने लोकसभा में पेश किया। इसके तहत स्वेच्छा से आधार नंबर देने वालों की बुनियादी बायोमीट्रिक जानकारी और आधार नंबर स्टोर करना प्रतिबंधित है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आधार नंबर नहीं देने वालों को बैंक खाता या सिम कार्ड सहित किसी भी सेवा से वंचित नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया,
अहीर ने कहा कि नमूना रजिस्ट्रीकरण प्रणाली से उपलब्ध अद्यतन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 के लिए जन्मदर 20.4 और मृत्युदर 6.4 है।
विज्ञापन
सरकार द्वारा पेश यह बिल आधार, टेलीकॉम सेक्टर और बैंकिंग रेगुलेशन से जुड़े तीन अलग-अलग कानूनों में संशोधन से जुड़ा है। इसमें आधार के इस्तेमाल के लिए तय नियमों के उल्लंघन पर सख्त सजा का भी प्रावधान है। आधार और अन्य कानून (संशोधन) बिल, 2018 को कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने लोकसभा में पेश किया। इसके तहत स्वेच्छा से आधार नंबर देने वालों की बुनियादी बायोमीट्रिक जानकारी और आधार नंबर स्टोर करना प्रतिबंधित है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आधार नंबर नहीं देने वालों को बैंक खाता या सिम कार्ड सहित किसी भी सेवा से वंचित नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
123 करोड़ लोगों को आधार जारी किए गए
सरकार ने बताया कि देश भर में करीब 123 करोड़ लोगों को अब तक आधार जारी किए जा चुके हैं। गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया,
‘यूआईडीएआई द्वारा 30 नवंबर 2018 तक कुल 122.90 करोड़ आधार जारी किए गए हैं। इनमें से पांच साल से कम आयु वाले बच्चों के 6.71 करोड़ आधार और पांच से 18 साल के आयु वर्ग के 29.02 करोड़ आधार शामिल हैं।’
अहीर ने कहा कि नमूना रजिस्ट्रीकरण प्रणाली से उपलब्ध अद्यतन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 के लिए जन्मदर 20.4 और मृत्युदर 6.4 है।