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सरकार 2024 तक बनाएगी देश के सभी शहरों का विस्तृत डेटाबेस
Mon, 09 Sep 2019 08:32 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 09 Sep 2019 08:32 PM IST
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डाटाबेस एकत्र करते कर्मी(फाइल फोटो)
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आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरी जीवन को आसान बनाने के लिये शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत देश के सभी शहरों की यथासंभव सभी प्रकार की जानकारियों का डेटाबेस अगले पांच साल में बनाने का लक्ष्य तय किया है।
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शहरी विकास सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सोमवार को बताया कि शहरों में सुगम यातायात, जलभराव, सीवर, स्वास्थ्य एवं महिला सुरक्षा सहित सभी प्रकार की नागरिक सुविधाओं से जुड़े तथ्य एवं आंकड़ों को जुटाया जा रहा है। इसकी शुरुआत स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चयनित 100 शहरों में उन 24 शहरों से की गई है जिनमें कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कार्यरत हो चुके हैं।
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सभी शहरों से सरकारी एवं गैरसरकारी स्रोतों सहित विभिन्न माध्यमों से जुटाए जा रहे आंकड़ों को मंत्रालय के दिल्ली स्थित मुख्यालय से संचालित इंडिया अर्बन ऑब्जर्वेटरी में एकत्र किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विभिन्न शहरों में चल रहे कामों की निरंतर निगरानी के लिए गत मार्च में इस ऑब्जर्वेटरी की शुरुआत की थी।
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मिशन के परियोजना निदेशक कुणाल कुमार ने बताया कि 24 शहरों से बिजली, पानी, सड़क, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अन्य नागरिक सेवाओं की रियल टाइम जानकारियां पिछले तीन महीने से जुटाई जा रही हैं। इनके विश्लेषण के आधार इन शहरों में चल रहे स्मार्ट सिटी मिशन के कामों की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। साथ ही जिन शहरों में परियोजना के कामों में दिक्कत आ रही है उन्हें अन्य शहरों से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर सहायता भी की जाती है।
कुमार ने बताया कि 2022 तक 400 शहरों और 2024 तक सभी 4000 शहरी निकायों को डेटाबेस में शामिल कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि अब तक जुटाए गए डेटाबेस के आधार पर विभिन्न शहरों के लिए स्वच्छता, सुरक्षा एवं यातायात सहित अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए अलग वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से लोगों को जरूरी जानकारियों का आदान प्रदान करने की सहूलियत भी मुहैया कराने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।