रक्षा मंत्रालय: जगुआर विमान के लिए दो सिमुलेटर की होगी खरीद, केंद्र सरकार ने किया 357 करोड़ का सौदा
भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रयासों के तहत केंद्र सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ दो अहम समझौतों पर दस्तखत किए हैं।
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केंद्र सरकार ने भारतीय वायुसेना के जगुआर विमान के लिए दो फिक्स्ड बेस फुल मिशन सिमुलेटर की खरीद के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इसके साथ ही पांच साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी किया गया है। दोनों की कुल लागत 357 करोड़ रुपये है।
इस संबंध में मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि ये सिमुलेटर पायलटों को पूरी परिचालन प्रक्रिया में विभिन्न परिस्थितियों में ले जाकर उड़ान प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उच्च मानकों तक बढ़ाने के काम में वायु सेना की मदद करेंगे। बयान के अनुसार ये फिक्स्ड बेस फुल मिशन सिमुलेटर जामनगर और गोरखपुर में वायु सेना के स्टेशनों में स्थापित किए जाएंगे।
बयान में कहा गया, 'आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारत लगातार अपनी स्वेदशी डिजाइन तैयार करने की, उन्हें विकसित करने की और रक्षा क्षेत्र में आधुनिकतम प्रौद्योगिकियों का उत्पादन करने की अपनी क्षमताओं में लगातार विकास कर रहा है।' रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा कि पहले सिमुलेटर की स्थापना जामनगर में अगले 27 महीनों के अंदर पूरी हो जाएगी।
19 को स्वदेश निर्मित रक्षा उपकरण शस्त्र सेनाओं को सौंपेंगे पीएम मोदी
रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को झांसी में स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किए गए उपकरण सशस्त्र बलों के तीनों सेना प्रमुखों को सौंपेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार प्रधानमंत्री, वायुसेना प्रमुख को एचएएच द्वारा तैयार हल्के युद्धक हेलिकॉप्टर (एलसीएच) सौंपेंगे।
वहीं, एक भारतीय स्टार्टअप की ओर से तैयार किए गए ड्रोन और यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) थल सेनाध्यक्ष को सौपेंगे। इसके अलावा नौसेना के जहाजों के लिए निर्मित आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट नौसेना अध्यक्ष को सौंपा जाएगा। इसे डीआरडीओ (भारतीय रक्षा एवं विरास संगठन) और बेल (भापत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) ने तैयार किया है।