फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Government should be careful in transfer of Justice Muralidhar

जस्टिस मुरलीधर के तबादले में बरतनी चाहिए थी सावधानी: पूर्व सीजेआई

Sun, 01 Mar 2020 01:02 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 01 Mar 2020 01:02 AM IST
विज्ञापन
Government should be careful in transfer of Justice Muralidhar
पूर्व सीजेआई बालकृष्णन - फोटो : सोशल मीडिया

दिल्ली हिंसा की सुनवाई करने वाले हाईकोर्ट के जस्टिस एस मुरलीधर के रातोंरात तबादले का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। राजनीतिक दलों के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने कहा कि सरकार को जस्टिस मुरलीधर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में तबादला करने का ‘आधी रात’ को आदेश जारी करते हुए ‘थोड़ी सावधानी’ बरतनी चाहिए थी। 

विज्ञापन


पूर्व सीजेआई ने कहा, ‘यह महज संयोग है कि अंतिम तबादले की अधिसूचना उस दिन जारी की गई, जब उन्होंने भड़काऊ भाषणों पर आदेश दिया था। मुझे नहीं मालूम कि कौन सी तारीख को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सामने तबादले का मुद्दा आया।
विज्ञापन


हालांकि, जस्टिस मुरलीधर के तबादले का दिल्ली हिंसा मामले पर सुनवाई करते हुए उनकी टिप्पणियों से कुछ लेना देना नहीं है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि जब देश में हालात इतने खराब और मीडिया व अन्य लोग सक्रिय हैं तो सरकार को आधी रात को ऐसे तबादले के आदेश जारी करते हुए थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्योंकि इसका लोगों की ओर से कुछ और मतलब निकाले जाने की संभावना है। लोग इसे अलग तरीके से समझ सकते हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed