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Drug Smuggling Prevention: नार्को-तस्करी के नेटवर्क पर सरकार का शिकंजा, गृह मंत्रालय ने बनाई खास टास्क फोर्स

Tue, 10 Feb 2026 03:28 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 10 Feb 2026 03:28 PM IST
सार

सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर नजर रखने वाली टास्क फोर्स बनाई है। यह मल्टी-एजेंसी सेंटर के तहत काम करेगी। साथ ही, निदान पोर्टल के जरिए अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

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Government Sets Up Task Force to Strengthen Surveillance on Drug Smuggling via Darknet and Cryptocurrency
नित्यानंद राय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए एक खास टास्क फोर्स बनाई है। यह टास्क फोर्स डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी जैसे प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टास्क फोर्स मल्टी-एजेंसी सेंटर (एमएसी) के तहत काम करेगी।
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गृह राज्य मंत्री ने दी जानकारी
एक लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, सरकार ने सीमा पार और राज्यों के बीच होने वाली ड्रग तस्करी रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), राज्यों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सीमा सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल के लिए कई कदम उठाए हैं। 
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क्या होगा टास्क फोर्स का काम?
यह टास्क फोर्स उन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करेगी जो तस्करी को आसान बनाते हैं। एजेंसियां आपस में जानकारी साझा करेंगी और तस्करी के नेटवर्क को पकड़ेंगी। यह टीम तस्करी के नए तरीकों को समझेगी, डेटाबेस अपडेट रखेगी और इससे जुड़े नियमों व कानूनों की समीक्षा भी करेगी।


इसके अलावा, नशीले पदार्थों की बड़ी जब्ती और जांच की देखरेख के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर एक जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) भी बनाई गई है। उन्होंने कहा, एनसीबी नेवी, कोस्ट गार्ड, बीएसएफ और राज्यों की टास्क फोर्स के साथ मिलकर साझा अभियान चलाती है।

तैयार किया गया है डिजिटल डेटाबेस
नशे के खतरे से लड़ने के लिए एनसीबी ने 'निदान' (NIDAAN) नाम का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। इसे इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के साथ मिलकर बनाया गया है। इस पोर्टल पर देशभर में पकड़े गए नशा तस्करों का पूरा ब्यौरा मौजूद है। इसमें अपराधियों की पहचान, फोटो, फिंगरप्रिंट, केस की जानकारी और कोर्ट से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। यह पोर्टल ई-प्रिजन्स और एनसीबी के डेटाबेस से जानकारी लेता है।

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